

स्थान : जसपुर
ब्यूरो रिपोर्ट

मौसम वैज्ञानिकों द्वारा पहले ही उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया गया था, लेकिन मानसून की पहली मूसलाधार बारिश ने जसपुर नगर पालिका प्रशासन की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। रातभर हुई तेज बारिश के चलते शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया और लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया।


जसपुर विधायक आदेश सिंह चौहान ने बताया कि उन्होंने जून माह में ही नगर पालिका प्रशासन को नाले-नालियों और लपकना नदी की समय रहते सफाई कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद समय पर सफाई कार्य नहीं होने के कारण पहली ही बारिश में शहर की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।



बारिश के चलते लपकना नदी और नालों में मलबा जमा होने से पानी की निकासी बाधित हो गई। नतीजतन नगर की कई कॉलोनियां और सड़कें जलमग्न हो गईं। लोगों के घरों और दुकानों में पानी घुस गया, जिससे दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया और नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।


जलभराव की सूचना मिलते ही नगर पालिका प्रशासन हरकत में आया। भूप सिंह मोहल्ला स्थित सरकारी अस्पताल रोड पर जेसीबी मशीन की मदद से पुलियों में फंसा मलबा हटाया गया। जल निकासी सुचारू करने के लिए पास की कॉलोनी की दीवार तोड़कर पानी निकालने की व्यवस्था भी की गई।
स्थिति का जायजा लेने के लिए जसपुर चेयरमैन नौशाद सम्राट और विधायक आदेश सिंह चौहान मौके पर पहुंचे। दोनों जनप्रतिनिधियों ने जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को भविष्य में ऐसी लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

अधिशासी अधिकारी उदयवीर सिंह ने बताया कि नगर में जल निकासी सामान्य करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। जहां-जहां पानी भरने की सूचना मिल रही है, वहां तत्काल टीमें भेजकर मलबा हटाने और नालों की सफाई कराई जा रही है, ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके।


वहीं, स्थानीय लोगों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि मानसून से पहले नालों और नदी की नियमित सफाई कर दी जाती तो शहर को इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। लोगों ने प्रशासन से भविष्य में स्थायी समाधान और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

