

स्थान : पौड़ी
ब्यूरो रिपोर्ट

वर्षों से अधूरी घोषणाओं और विकास की कमी का सामना कर रहे पौड़ी जिले के लिए अब नई उम्मीद जगी है। जिले के मूल निवासी उद्योगपति इंद्रजीत सिंह नेगी ने जनसहयोग के माध्यम से पौड़ी को फिर से विकसित और सशक्त बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े स्तर पर काम शुरू करने की जानकारी दी।

प्रेस वार्ता में इंद्रजीत नेगी ने बताया कि उनकी संस्था ‘ईसा फाउंडेशन’ पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से लगातार कार्य कर रही है। संस्था ने अपनी विकास यात्रा की शुरुआत अपने गृह जनपद पौड़ी से की है, ताकि स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।



स्वास्थ्य क्षेत्र में फाउंडेशन द्वारा उत्तराकेयर अस्पताल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में सामने आया कि गांवों में ब्लड प्रेशर, शुगर, एनीमिया और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को लेकर जागरूकता की काफी कमी है। इसी को देखते हुए प्रत्येक शनिवार विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

इंद्रजीत नेगी ने बताया कि अस्पताल में अब ऑपरेशन की सुविधा भी शुरू हो चुकी है, जिससे ग्रामीण मरीजों को इलाज के लिए देहरादून जैसे बड़े शहरों की ओर जाने की जरूरत कम होगी। फाउंडेशन का लक्ष्य केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि दूरस्थ गांवों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। इसके लिए मेडिकल वैन के माध्यम से अन्य क्षेत्रों में भी सेवाएं दी जा रही हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में भी संस्था द्वारा कई महत्वपूर्ण पहल की जा रही हैं। अब तक 500 से अधिक ग्रामीण छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा के लिए टैब उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इन विद्यार्थियों की पढ़ाई इंटरमीडिएट तक जारी रखने की योजना है और प्रत्येक वर्ष नए छात्रों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा।

फाउंडेशन द्वारा बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित करने के साथ ही 11 सरकारी विद्यालयों को गोद लेकर वहां शिक्षकों और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करने का कार्य भी किया जा रहा है। इसमें जीआईसी पौड़ी, जीआईसी थलीसैंण और जीजीआईसी घमंडपुर सहित अन्य विद्यालय शामिल हैं।


इंद्रजीत नेगी ने कहा कि किसी भी क्षेत्र का विकास केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि समाज की भागीदारी से संभव होता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि सभी लोग मिलकर प्रयास करें तो पौड़ी अपनी खोई हुई पहचान और पुरानी रौनक को फिर से हासिल कर सकता है।

