

ब्यूरो रिपोर्ट

अफगानिस्तान क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाले पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान का निधन हो गया है। लंबे समय से गंभीर और दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे शापूर जादरान ने मंगलवार को अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने सोशल मीडिया के माध्यम से की। उनके असामयिक निधन की खबर से क्रिकेट जगत में शोक की लहर दौड़ गई।


शापूर जादरान पिछले कई महीनों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनकी तबीयत पिछले वर्ष अक्टूबर में बिगड़नी शुरू हुई थी, जिसके बाद उनकी हालत लगातार गंभीर होती चली गई। बेहतर इलाज के लिए उन्हें जनवरी में नई दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा था।



इलाज के दौरान उनके भाई घमई जादरान और अफगानिस्तान के पूर्व कप्तान असगर अफगान लगातार उनके साथ मौजूद रहे। तमाम प्रयासों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके और आखिरकार उन्होंने जिंदगी की जंग हार दी। उनके निधन से अफगानिस्तान क्रिकेट के खिलाड़ियों और प्रशंसकों में गहरा शोक है।


बाएं हाथ के तेज गेंदबाज शापूर जादरान उन खिलाड़ियों में शामिल थे जिन्होंने अफगानिस्तान क्रिकेट को विश्व मंच तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने अपने करियर में कई यादगार प्रदर्शन किए और टीम को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मजबूत पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
साल 2015 के क्रिकेट विश्व कप में शापूर जादरान ने अफगानिस्तान की ऐतिहासिक जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके दमदार प्रदर्शन को आज भी क्रिकेट प्रेमी याद करते हैं। उनकी तेज गेंदबाजी, जुझारूपन और टीम के प्रति समर्पण ने उन्हें अफगानिस्तान क्रिकेट के सबसे सम्मानित खिलाड़ियों में शामिल कर दिया।

शापूर जादरान भले ही अब इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन अफगानिस्तान क्रिकेट के विकास में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा। उनका संघर्ष, समर्पण और मैदान पर किया गया प्रदर्शन आने वाली पीढ़ियों के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा। क्रिकेट जगत ने एक ऐसे खिलाड़ी को खो दिया है, जिसने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने देश को विश्व क्रिकेट में सम्मान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।



