धनगढ़ी पुल का लोकार्पण, कुमाऊं-गढ़वाल के बीच सफर होगा आसान

धनगढ़ी पुल का लोकार्पण, कुमाऊं-गढ़वाल के बीच सफर होगा आसान

स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर
: संजय जोशी

कुमाऊं और गढ़वाल मंडलों के बीच आवागमन को और अधिक सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामनगर में राष्ट्रीय राजमार्ग-309 पर बने 220.90 मीटर लंबे धनगढ़ी पुल का लोकार्पण किया। लगभग 29 करोड़ 65 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह पुल विशेष रूप से बरसात के दौरान धनगढ़ी नाले में जलस्तर बढ़ने से मार्ग बाधित होने की समस्या का स्थायी समाधान प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धनगढ़ी पुल केवल एक आधारभूत संरचना नहीं, बल्कि कुमाऊं और गढ़वाल को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। इस पुल के निर्माण से दोनों मंडलों के बीच आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम होगा, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगी।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया कि धनगढ़ी पुल के निकट निर्माणाधीन पनौद पुल का कार्य अंतिम चरण में है और इसे भी जल्द ही जनता को समर्पित किया जाएगा। दोनों पुलों के शुरू होने से क्षेत्र का सड़क संपर्क और अधिक मजबूत होगा तथा वर्षभर निर्बाध यातायात सुनिश्चित हो सकेगा।

कार्यक्रम को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि धनगढ़ी पुल के निर्माण से बरसात के दौरान मार्ग अवरुद्ध होने की समस्या काफी हद तक समाप्त होगी। साथ ही व्यापार, पर्यटन, कृषि और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

लोकार्पण समारोह में सांसद अनिल बलूनी की गैरमौजूदगी भी चर्चा का विषय रही। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा रही कि सांसद लंबे समय से इस पुल के निर्माण के लिए प्रयासरत थे, हालांकि उनकी अनुपस्थिति को लेकर आधिकारिक रूप से कोई कारण सामने नहीं आया।

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गर्जिया देवी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर रामनगर, सल्ट और रानीखेत के विधायक, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। धनगढ़ी पुल के शुरू होने से जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान आने वाले पर्यटकों और कुमाऊं-गढ़वाल के पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक आवागमन का लाभ मिलेगा।