

स्थान : हरिद्वार (बद्रीनाथ)
ब्यूरो रिपोर्ट

बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि चारधाम की आस्था से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है।


महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि चारधाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं और ऐसे पवित्र स्थलों पर चढ़ावे या मंदिर की संपत्ति से जुड़ी किसी भी तरह की अनियमितता अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।



उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखना सभी संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।


अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं का विश्वास ही धार्मिक संस्थानों की सबसे बड़ी पूंजी है, और इस विश्वास को ठेस पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि को गंभीर अपराध माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं धार्मिक व्यवस्थाओं पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती हैं।
महंत रवींद्र पुरी ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और दोषियों की पहचान कर कठोर कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मजबूत और प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा और मंदिरों की पवित्रता को बनाए रखना सभी का सामूहिक दायित्व है। यदि कहीं भी अनियमितता या लापरवाही सामने आती है, तो उसे तुरंत रोका जाना चाहिए और जिम्मेदार लोगों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाना चाहिए।



