

स्थान : रामनगर
रिपोर्टर : संजय जोशी

राष्ट्रीय राजमार्ग-121 (नया एनएच-309) पर धनगढ़ी नाले के ऊपर 220.90 मीटर लंबे प्री-स्ट्रेस्ड गर्डर सेतु का रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकार्पण किया। करीब 29.65 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस पुल को जनता को समर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल एक पुल का उद्घाटन नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों के वर्षों के संघर्ष, धैर्य और उम्मीदों की जीत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान धनगढ़ी नाले में जलस्तर बढ़ने से यातायात बाधित हो जाता था, जिससे आम जनजीवन, व्यापार, पर्यटन और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित होती थीं। अब इस समस्या का स्थायी समाधान हो गया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि धनगढ़ी पुल कुमाऊं और गढ़वाल मंडलों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क सेतु है, जो पूरे उत्तराखंड के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि इस पुल के बनने से दोनों मंडलों के बीच आवागमन अधिक सुरक्षित, सुगम और निर्बाध होगा। साथ ही पर्यटन, व्यापार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी।



अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के पांच वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने “सेवा, सुशासन और विकास” के संकल्प को धरातल पर उतारा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के प्रत्येक गांव, घर और अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की दिशा में लगातार कार्य किए गए हैं। आधुनिक सड़कें, मजबूत पुल, रेल नेटवर्क, रोपवे, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सीमांत क्षेत्रों के विकास में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं, जिनका लाभ प्रदेश की जनता को मिल रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कार्यसंस्कृति “सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि” पर आधारित है। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं का शिलान्यास किया जाता है, उनका समयबद्ध तरीके से निर्माण पूरा कर जनता को समर्पित भी किया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का निर्माण करना है और आने वाले वर्षों में विकास की रफ्तार को और तेज किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि धनगढ़ी सेतु के निकट लगभग 18.43 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 175.60 मीटर लंबे पनौद पुल का निर्माण कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है। वर्तमान में इस पुल पर यातायात शुरू हो गया है और डामरीकरण का अंतिम कार्य पूरा होते ही इसे भी जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि धनगढ़ी और पनौद पुल आने वाले समय में क्षेत्र के विकास की मजबूत आधारशिला साबित होंगे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने रामनगर क्षेत्र के वन खत्तों में रहने वाले परिवारों की समस्याओं के समाधान का भी आश्वासन दिया।


कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि धनगढ़ी पुल के निर्माण से वर्षभर सुरक्षित और निर्बाध यातायात सुनिश्चित होगा तथा बरसात में मार्ग बंद होने की समस्या समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पुल कुमाऊं और गढ़वाल के बीच संपर्क को मजबूत करने के साथ व्यापार, कृषि, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी नई ऊर्जा देगा। चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने गर्जिया देवी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की तथा नव-निर्मित पुल का पैदल निरीक्षण करते हुए कॉर्बेट क्षेत्र के समीप वन्यजीवों का भी अवलोकन किया। कार्यक्रम में विधायक दीवान सिंह बिष्ट, महेश जीना, प्रमोद नैनवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।



