

स्थान : ऋषिकेश
ब्यूरो रिपोर्ट

ऋषिकेश के आईडीपीएल मैदान में आयोजित जनकल्याणकारी शिविर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2035 तक उत्तराखंड को पूर्ण विकसित राज्य बनाने का संकल्प दोहराया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य की आर्थिक प्रगति, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार विकास के संकल्प को तेजी से आगे बढ़ा रही है।


मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि राज्य का वार्षिक बजट बढ़कर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। उन्होंने इसे राज्य की मजबूत होती अर्थव्यवस्था का संकेत बताया।



कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह भी मौजूद रहे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने संयुक्त रूप से देहरादून जनपद की 289 करोड़ रुपये की लागत वाली 41 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करना है।


इस दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने “लखपति दीदी” योजना के तहत आत्मनिर्भर बनी महिलाओं को सम्मानित करते हुए महिला सशक्तिकरण की दिशा में उनके योगदान की सराहना की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में लगातार कार्य किए जा रहे हैं, जिससे उत्तराखंड को विकास की नई गति मिली है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विजन के अनुरूप उत्तराखंड को वर्ष 2035 तक पूर्ण विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य पर कार्य कर रही है। इसके लिए आधारभूत संरचना, निवेश, उद्योग, कृषि और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के साथ-साथ जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।


कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, लाभार्थी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सरकार की ओर से विश्वास व्यक्त किया गया कि जनभागीदारी और विकासोन्मुख नीतियों के माध्यम से उत्तराखंड को विकास के नए आयामों तक पहुंचाया जाएगा।

