स्थान :देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट


दुधली क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में पहल शुरू की गई है। डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव सिंह के विशेष प्रयासों से क्षेत्र के प्रमुख स्थानों पर हाईटेक कैमरे लगाए जा रहे हैं। इससे क्षेत्र में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं और आपराधिक घटनाओं की निगरानी में मदद मिलने की उम्मीद है।


जानकारी के अनुसार सत्तीवाला वन चौकी और त्यागी गार्डन बड़कली-दुधली क्षेत्र में हाईटेक कैमरे स्थापित किए जा रहे हैं। इन कैमरों के जरिए प्रमुख स्थानों पर होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। कैमरे लगने के बाद किसी घटना की स्थिति में पुलिस को जांच के दौरान महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है।


क्षेत्र में लंबे समय से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की मांग की जा रही थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं और अन्य घटनाओं के बाद कई बार घटनास्थल से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग जुटाने में परेशानी होती थी। ऐसे में हाईटेक कैमरे लगाए जाने से निगरानी व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।

नागल ज्वालापुर-सिमलास ग्रांट के बीडीसी सदस्य बीरेंद्र थापा ने बताया कि क्षेत्रवासियों की ओर से लंबे समय से प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की मांग की जा रही थी। अब ब्लॉक प्रमुख गौरव सिंह के प्रयासों से इस दिशा में काम शुरू हुआ है।


उन्होंने कहा कि कैमरों की मदद से क्षेत्र में होने वाली घटनाओं की निगरानी की जा सकेगी। किसी आपराधिक घटना या सड़क दुर्घटना के बाद पुलिस जांच में कैमरों की रिकॉर्डिंग महत्वपूर्ण सुराग उपलब्ध करा सकती है, जिससे घटनाओं के खुलासे में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रमुख स्थानों पर कैमरों की निगरानी होने से आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सकेगी। इससे लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होने की उम्मीद है।



सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में भी सीसीटीवी कैमरे उपयोगी साबित हो सकते हैं। दुर्घटना के बाद जिम्मेदार वाहन की पहचान करने में पुलिस को रिकॉर्डिंग से मदद मिल सकती है। इससे दुर्घटनाओं की जांच को आगे बढ़ाने में भी सहूलियत होगी।
स्थानीय लोगों ने दुधली क्षेत्र में हाईटेक कैमरे लगाए जाने की पहल का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि प्रमुख स्थानों पर निगरानी व्यवस्था मजबूत होने से क्षेत्र की सुरक्षा बढ़ेगी और सड़क दुर्घटनाओं तथा आपराधिक मामलों की जांच में पुलिस को महत्वपूर्ण सहायता मिल सकेगी।


