शारदा नदी का जलस्तर बढ़ा, बनबसा बैराज पुल पर भारी और चार पहिया वाहनों की आवाजाही बंद

शारदा नदी का जलस्तर बढ़ा, बनबसा बैराज पुल पर भारी और चार पहिया वाहनों की आवाजाही बंद

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

जनपद के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते शारदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर बनबसा-शारदा बैराज मार्ग पर स्थित पुल से भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही चार पहिया वाहनों के आवागमन को भी फिलहाल बंद कर दिया गया है।

लगातार बारिश के कारण शारदा नदी में पानी का बहाव लगातार बढ़ रहा है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों ने एहतियाती कदम उठाए हैं। पुल पर यातायात रोकने का उद्देश्य किसी भी संभावित दुर्घटना को टालना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

बारिश के बीच बनबसा शारदा बैराज के गेट भी खोल दिए गए हैं। बैराज से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के बाद शारदा नदी का जलप्रवाह और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में नदी के आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से विशेष निगरानी रखी जा रही है।

बैराज से छोड़े जा रहे पानी का असर उत्तर प्रदेश के कई जिलों पर पड़ सकता है। इनमें पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, गोंडा, बहराइच और सीतापुर सहित अन्य जिले शामिल हैं। संबंधित क्षेत्रों में भी जलस्तर बढ़ने की स्थिति को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है।

शारदा नदी का पानी आगे चलकर घाघरा नदी में समाहित होता है। ऐसे में शारदा बैराज से छोड़े जाने वाले पानी का प्रभाव नदी के निचले क्षेत्रों में भी दिखाई दे सकता है। प्रशासनिक स्तर पर जलप्रवाह और संभावित प्रभाव वाले क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

इधर, सिंचाई विभाग और प्रशासन की टीमें शारदा नदी के जलस्तर और बैराज की स्थिति की लगातार निगरानी कर रही हैं। जलस्तर में होने वाले बदलावों के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

प्रशासन की ओर से लोगों से नदी किनारे जाने से बचने और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों को किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

लगातार बारिश और बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए आने वाले समय में शारदा नदी के जलस्तर पर नजर बनाए रखना बेहद जरूरी है। प्रशासन और सिंचाई विभाग की निगरानी के बीच लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।