स्थान : हल्द्वानी (नैनीताल)
ब्यूरो रिपोर्ट


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर स्कूली छात्र-छात्राओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए यातायात पुलिस ने हल्द्वानी क्षेत्र में स्कूली वाहनों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान यातायात नियमों और निर्धारित सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।


अभियान एसपी अपराध/यातायात नैनीताल डॉ. जगदीश चन्द्र के पर्यवेक्षण में चलाया गया। यातायात हल्द्वानी और सीपीयू हल्द्वानी की पुलिस टीमों ने क्षेत्र में संचालित विभिन्न स्कूली वाहनों की गहनता से जांच की। इस दौरान वाहनों के आवश्यक दस्तावेजों के साथ सुरक्षा मानकों और यातायात नियमों के अनुपालन की भी पड़ताल की गई।



चेकिंग के दौरान स्कूली वाहनों में फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन उपकरण और निर्धारित वर्दी सहित बच्चों की सुरक्षा से जुड़े अन्य जरूरी मानकों की जांच की गई। इसके अलावा वाहन चालकों के ड्राइविंग तरीके और यातायात नियमों के पालन पर भी पुलिस ने विशेष ध्यान दिया।

पुलिस टीम ने वाहन चालकों द्वारा चप्पल पहनकर वाहन चलाने जैसी अनियमितताओं की भी जांच की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्कूली बच्चों को लेकर चलने वाले वाहनों में सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।


अभियान के दौरान नियमों और निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर कुल 17 स्कूली वाहनों के कोर्ट चालान किए गए। इनमें फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन उपकरण, निर्धारित वर्दी से संबंधित कमियों और चप्पल पहनकर वाहन चलाने के मामलों में 15 चालान किए गए।

इसके अलावा बिना बीमा के वाहन संचालन के मामले में एक चालान तथा क्षमता से अधिक सवारी बैठाने पर एक वाहन का चालान किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से स्कूली वाहन संचालकों में हड़कंप की स्थिति रही और वाहन चालकों को नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए।



यातायात पुलिस ने वाहन चालकों और विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी आवश्यक दस्तावेज, सुरक्षा उपकरण और निर्धारित मानकों को हर समय पूरा रखा जाए, ताकि बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।
एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने कहा कि स्कूली छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


