नहर की पटरी पर रास्ते को लेकर विवाद, कॉलोनीवासियों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई

नहर की पटरी पर रास्ते को लेकर विवाद, कॉलोनीवासियों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई

स्थान : बाजपुर
रिपोर्टर : विशेष शर्मा

ग्राम नंदपुर नरका टोपा में तेलीपुरा नहर के किनारे रास्ते को लेकर विवाद सामने आया है। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि नहर की पटरी पर आवागमन के रास्ते को लेकर खेत मालिकों के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा है। कई बार विवाद की स्थिति झगड़े तक पहुंच चुकी है, जिससे ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है।

कॉलोनीवासियों का कहना है कि नहर की दूसरी ओर भी पर्याप्त पटरी या रास्ता उपलब्ध नहीं है। ऐसे में स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मामले की स्थिति स्पष्ट कर उचित रास्ता उपलब्ध कराने की मांग की है।

कॉलोनीवासियों ने आरोप लगाया कि रास्ते को लेकर हुए विवाद के दौरान महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज भी की गई। ग्रामीणों का कहना है कि विवाद बढ़ने की स्थिति में किसी बड़ी घटना की आशंका बनी रहती है, इसलिए समय रहते प्रशासन को मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।

बताया गया कि मामले को लेकर सिंचाई विभाग की ओर से दूसरे पक्ष को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस जारी होने के विरोध में दूसरे पक्ष के लोगों ने तहसील परिसर में धरना दिया। इस दौरान उन्होंने अपनी ओर से लगाए जा रहे आरोपों और आपत्तियों को प्रशासन के सामने रखा।

वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से कॉलोनीवासियों पर नहर में गंदगी और कूड़ा डालने का आरोप लगाया गया है। उनका कहना है कि नहर की सफाई और स्वच्छता प्रभावित होने के पीछे कॉलोनीवासियों की भूमिका है। हालांकि, मौके पर ऐसी स्थिति दिखाई नहीं दी।

कॉलोनीवासियों का कहना है कि विवाद को आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रखने के बजाय संबंधित विभाग को मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति की जांच करनी चाहिए। उनका कहना है कि नहर की दोनों ओर उपलब्ध पटरी और रास्ते की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया जाना जरूरी है।

ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग से मांग की है कि मौके की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि नहर की दोनों ओर रास्ते की वास्तविक स्थिति क्या है और नियमानुसार लोगों के आवागमन के लिए किस तरह की व्यवस्था की जा सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि स्पष्ट व्यवस्था होने से लंबे समय से चले आ रहे विवाद को खत्म किया जा सकता है।

कॉलोनीवासियों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग से मामले का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि आवागमन के लिए उचित रास्ता निर्धारित होने और दोनों पक्षों की समस्याओं का नियमानुसार समाधान किए जाने से क्षेत्र में विवाद की स्थिति को टाला जा सकेगा।