

स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

हरिद्वार पुलिस ने देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की साजिश रच रहे एक नकली नोट गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई कोतवाली श्यामपुर क्षेत्र में की गई, जहां पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 50 हजार रुपये के छपे हुए जाली नोट, लैपटॉप, प्रिंटर और नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण बरामद किए हैं।


यह कार्रवाई दो दिन पहले बरामद हुए 52,500 रुपये के नकली नोटों के मामले की जांच के दौरान मिली अहम जानकारियों के आधार पर की गई। पुलिस ने मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए गिरोह तक पहुंच बनाई और योजनाबद्ध तरीके से आरोपियों को गिरफ्तार किया।



एसपी क्राइम निशा यादव ने बताया कि पुलिस को गिरोह की गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद लालढांग तिराहे के पास घेराबंदी की गई। इस दौरान क्विड कार से जा रहे तीन संदिग्धों को रोककर पूछताछ की गई, जिसमें पूरे गिरोह का खुलासा हुआ।


प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हाई-क्वालिटी प्रिंटर की मदद से असली नोटों की हूबहू कॉपी तैयार कर नकली नोट छापते थे। इसके बाद इन नोटों को बाजार में चलाने की योजना बनाई गई थी।

पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से बरामद लैपटॉप और प्रिंटर का इस्तेमाल जाली नोट तैयार करने में किया जा रहा था। इसके अलावा नोट छापने में प्रयुक्त विशेष कागज और अन्य तकनीकी उपकरण भी जब्त किए गए हैं।


जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि गिरोह कितने समय से सक्रिय था और अब तक कितनी मात्रा में नकली नोट बाजार में पहुंचाए जा चुके हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्य या नेटवर्क किन-किन क्षेत्रों में सक्रिय हैं।


एसपी क्राइम निशा यादव ने कहा कि पुलिस ने गिरोह का केवल भंडाफोड़ ही नहीं किया, बल्कि इसकी जड़ों तक पहुंचने का प्रयास किया है। मामले की गहन जांच जारी है और यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हरिद्वार पुलिस की इस कार्रवाई को नकली मुद्रा के अवैध कारोबार पर बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को संदिग्ध नोट या इस तरह की गतिविधियों की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

