स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट


जिले में नशे के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती तेज कर दी है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित एनसीओआरडी की बैठक में नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। डीएम ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान चलाकर नशे के कारोबार पर कार्रवाई करने को कहा।


बैठक में शिक्षण संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर विशेष निर्देश जारी किए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि स्कूल-कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में गुटका, तंबाकू और नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह रोक सुनिश्चित की जाए।


डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षण संस्थानों के आसपास नियमित रूप से निरीक्षण और निगरानी की जाए। यदि प्रतिबंधित सामग्री की बिक्री होती पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में जाने से रोका जा सके।


बैठक में जिले के सभी मेडिकल स्टोरों की निगरानी बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी मेडिकल स्टोरों में सीसीटीवी कैमरे लगाना सुनिश्चित करने और प्रतिबंधित एवं नशीली दवाओं की बिक्री पर विशेष नजर रखने को कहा।

इसके साथ ही जिले में संचालित सभी नशा मुक्ति केंद्रों का संबंधित अधिकारियों की संयुक्त टीम से निरीक्षण कराया जाएगा। निरीक्षण के दौरान केंद्रों में व्यवस्थाओं, संचालन और नियमों के अनुपालन की जांच की जाएगी।


जिलाधिकारी ने कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई केवल प्रशासनिक स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को इसमें भागीदारी करनी होगी। उन्होंने अधिकारियों को नशे के दुष्प्रभावों को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।



उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय समुदायों को साथ लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। लोगों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के प्रति जागरूक किया जाए।

प्रशासन की ओर से आमजन से भी सहयोग की अपील की गई है। अधिकारियों ने कहा कि नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी या इससे जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल प्रशासन को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

नशीले पदार्थों की बिक्री या तस्करी की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1933 जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नशे के खिलाफ अभियान को सफल बनाने के लिए संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभागों के बीच बेहतर समन्वय, नियमित निरीक्षण और जागरूकता अभियानों के जरिए हरिद्वार को नशे के दुष्प्रभावों से मुक्त करने की दिशा में प्रयास तेज किए जाएंगे।

