सहसपुर-विकासनगर में बारिश बनी आफत, सड़कें जलमग्न, गांवों का संपर्क टूटा

सहसपुर-विकासनगर में बारिश बनी आफत, सड़कें जलमग्न, गांवों का संपर्क टूटा

स्थान : विकासनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

सहसपुर और विकासनगर क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी बारिश का पानी लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। कहीं सड़कें पानी में डूबकर नदी का रूप ले चुकी हैं तो कहीं गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। बटोली गांव में एक बार फिर सड़क का बड़ा हिस्सा गहरी खाई में समा जाने से ग्रामीण गांव में ही कैद होकर रह गए हैं।

सहसपुर क्षेत्र के बटोली गांव में लगातार बारिश के चलते सड़क का एक बड़ा हिस्सा खाई में समा गया। सड़क टूटने के बाद गांव का मुख्य सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया है। ग्रामीणों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया है और जरूरी कामों के लिए भी गांव से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्ष भी सड़क को लेकर सिस्टम की ओर से कई दावे और वादे किए गए थे। लोगों को उम्मीद थी कि सड़क की स्थायी व्यवस्था कर समस्या का समाधान किया जाएगा, लेकिन एक साल बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं। बारिश शुरू होते ही सड़क के टूटने से ग्रामीणों की परेशानी फिर सामने आ गई है।

उधर, लगातार बारिश का असर विकासनगर क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है। विकासनगर की कई गलियां बारिश के पानी से जलमग्न हो गई हैं और कई स्थानों पर सड़कों ने नदी का रूप ले लिया है। जलभराव के कारण लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

कई जगह बारिश का पानी घरों में भी घुस गया है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डाकपत्थर क्षेत्र में भी बारिश का पानी लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। जलभराव का असर सरकारी परिसरों तक पहुंच गया और एसडीआरएफ के कैंप कार्यालय परिसर में भी पानी घुसने की सूचना है।

वहीं सहसपुर क्षेत्र में आसन नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद तेज बहाव के बीच एक ट्रैक्टर-ट्रॉली फंस गई। बताया जा रहा है कि ट्रॉली को मौके पर ही छोड़कर मजदूर ट्रैक्टर में सवार होकर बाहर निकल गए। घटना के बाद नदी में ट्रैक्टर-ट्रॉली पहुंचने को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

बारिश के दौरान नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ने के बावजूद ट्रैक्टर-ट्रॉली के नदी तक पहुंचने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि तेज बहाव में कोई बड़ा हादसा हो जाता तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती। वहीं खनन गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं और पूरे मामले की जांच की मांग की जा रही है।

बारिश ने एक बार फिर सरकारी व्यवस्थाओं और पिछले वर्ष किए गए दावों की स्थिति सामने ला दी है। बटोली गांव में सड़क संपर्क टूटने से लेकर विकासनगर और डाकपत्थर में जलभराव तथा आसन नदी में ट्रैक्टर-ट्रॉली फंसने की घटनाएं प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं।

स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन बारिश के दौरान तत्काल राहत और बचाव कार्यों के साथ-साथ संवेदनशील क्षेत्रों में स्थायी समाधान की दिशा में भी ठोस कदम उठाए। खासकर बटोली गांव की सड़क समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि हर बरसात में ग्रामीणों को सड़क संपर्क टूटने की समस्या से न जूझना पड़े।