गंगा ने पार की चेतावनी रेखा, 28 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा जलस्तर; तटीय इलाकों में बढ़ी चिंता

गंगा ने पार की चेतावनी रेखा, 28 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा जलस्तर; तटीय इलाकों में बढ़ी चिंता

लोकेशन:- ऋषिकेश
ब्यूरो रिपोर्ट

पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब गंगा के जलस्तर पर भी दिखाई देने लगा है। लगातार बारिश के चलते गंगा ने चेतावनी रेखा को पार कर लिया है और केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा से करीब 28 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। जलस्तर बढ़ने से गंगा के तटीय क्षेत्र धीरे-धीरे जलमग्न होने लगे हैं।

बीते रोज से पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश का दौर जारी है। बारिश के कारण गंगा में लगातार पानी बढ़ रहा है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ गई है।

केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा से 28 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच चुका है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

पर्वतीय क्षेत्रों में यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो गंगा का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में नदी के खतरे के निशान को पार करने की आशंका भी बनी हुई है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में मैदानी इलाकों से सटे गंगा के तटीय क्षेत्रों में परेशानी बढ़ सकती है।

गंगा के किनारे बसे इलाकों में पानी का दबाव बढ़ने लगा है। कई स्थानों पर तट और आसपास के क्षेत्र जलमग्न होते नजर आ रहे हैं। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए स्थानीय लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।

बारिश के कारण गंगा और उसकी सहायक नदियों में पानी बढ़ने की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन की ओर से नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से नदी के नजदीक नहीं जाने की सलाह दी जा सकती है।

फिलहाल गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा से ऊपर बह रहा है। यदि पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश जारी रहती है तो आने वाले समय में जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है। ऐसे में तटीय इलाकों में प्रशासन को लगातार निगरानी बनाए रखने की जरूरत है।

बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर मानसून के दौरान गंगा किनारे बसे इलाकों की संवेदनशीलता सामने ला दी है। लोगों की नजर अब पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली बारिश और गंगा के जलस्तर पर टिकी हुई है।