लोकेशन : काशीपुर
ब्यूरो रिपोर्ट


उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर काशीपुर में सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने मतदाता सूची में बड़ी संख्या में कथित फर्जी आपत्तियां दर्ज किए जाने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि कई ऐसे लोगों के नाम पर भी आपत्तियां दर्ज की गई हैं, जिन्हें इसकी जानकारी तक नहीं थी।


कांग्रेस के मुताबिक SIR अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची में दोहरे मतदाताओं, मृत व्यक्तियों के नाम और अन्य गलत प्रविष्टियों की पहचान कर सूची को अधिक पारदर्शी बनाना है। हालांकि, काशीपुर में कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।


कांग्रेस नेता अजीज कुरैशी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में नागरिक एसडीएम कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के समक्ष अपनी शिकायतें रखते हुए ज्ञापन सौंपा और मतदाता सूची में दर्ज आपत्तियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।


कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि कई वैध मतदाताओं के नाम हटाने के लिए आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। कुछ मामलों में तो कथित तौर पर जीवित लोगों को मृत बताकर उनके नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश किए जाने का दावा किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

ज्ञापन देने पहुंचे लोगों का कहना था कि यदि किसी मतदाता के नाम पर आपत्ति दर्ज की जाती है तो उससे पहले संबंधित व्यक्ति का उचित सत्यापन होना चाहिए। लोगों ने मांग की कि बिना जांच और पर्याप्त प्रमाण के किसी भी वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाए।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के दौरान यदि गलत तरीके से आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं तो इसके पीछे जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। पार्टी नेताओं ने प्रशासन से आपत्तियों के स्रोत और उनकी वास्तविकता की जांच कराने की मांग की।



इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस ने प्रशासन से पारदर्शिता बरतने और सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का समान अवसर देने की मांग की है। नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार है और इसमें किसी भी तरह की मनमानी से आम मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।

वहीं, मामले में प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दर्ज की गई आपत्तियों में कितनी सही हैं और कितनी गलत। यदि जांच में फर्जी या जानबूझकर गलत आपत्तियां दर्ज कराने की बात सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल SIR को लेकर काशीपुर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। बड़ी संख्या में लोगों के एसडीएम कार्यालय पहुंचने के बाद प्रशासन के सामने भी मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण की चुनौती बढ़ गई है।
अब नजर प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई पर है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि मतदाता सूची में दर्ज आपत्तियों के पीछे वास्तविक कारण क्या हैं और क्या किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है।

