रणनीतिक गलतियों ने तोड़ा भारत का वर्ल्ड कप सपना, हरमनप्रीत की कप्तानी पर उठे सवाल

रणनीतिक गलतियों ने तोड़ा भारत का वर्ल्ड कप सपना, हरमनप्रीत की कप्तानी पर उठे सवाल

ब्यूरो रिपोर्ट

आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम का अभियान ग्रुप चरण में ही समाप्त हो गया। लॉर्ड्स में खेले गए अहम मुकाबले में भारत ने ऑस्ट्रेलिया के सामने 170 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 6 विकेट से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बना ली। इस हार के बाद भारतीय टीम की कप्तानी, टीम चयन और मैच रणनीति पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

भारत ने मैच की शुरुआत शानदार अंदाज में की और दूसरी ही गेंद पर पहला विकेट हासिल कर लिया। इसके बाद फोएबे लिचफील्ड और बेथ मूनी के विकेट भी जल्दी गिर गए। 9.1 ओवर में ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 68/3 था और मुकाबला पूरी तरह भारत के नियंत्रण में दिखाई दे रहा था।

हालांकि, यहीं से मैच का रुख बदल गया। स्पिनर चरणी, जिन्होंने दो ओवर में सिर्फ 10 रन देकर एक विकेट लिया था, उन्हें लगातार गेंदबाजी नहीं कराई गई। उनकी जगह कप्तान हरमनप्रीत कौर ने राधा यादव और शेफाली वर्मा को गेंद थमा दी, जिसका ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने पूरा फायदा उठाया।

एलिस पेरी और एश्ले गार्डनर ने राधा यादव के एक ओवर में 17 रन बटोरकर मैच का पासा पलट दिया। जब तक श्री चरणी और दीप्ति शर्मा को दोबारा गेंदबाजी का मौका मिला, तब तक ऑस्ट्रेलिया मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था।

टीम चयन भी आलोचना के घेरे में रहा। तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया, लेकिन उन्हें गेंदबाजी का मौका ही नहीं मिला। इससे सवाल उठे कि जब उन पर भरोसा नहीं था तो उन्हें अंतिम एकादश में क्यों चुना गया। उनकी जगह अतिरिक्त बल्लेबाज या ऑलराउंडर को मौका दिया जा सकता था।

इसी तरह आक्रामक बल्लेबाज भारती फुलमाली को बाहर रखकर यास्तिका भाटिया को टीम में शामिल किया गया, लेकिन यास्तिका को बल्लेबाजी के लिए भी नहीं भेजा गया। इस फैसले ने टीम प्रबंधन की रणनीति पर और सवाल खड़े कर दिए।

सबसे अधिक चर्चा ऋचा घोष के बल्लेबाजी क्रम को लेकर हुई। भारत की सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में शामिल ऋचा को आखिरी ओवर तक इंतजार करना पड़ा और उन्हें सिर्फ एक गेंद खेलने का मौका मिला। जब टीम को तेज रन गति की जरूरत थी, तब उन्हें पहले बल्लेबाजी के लिए नहीं भेजना कई क्रिकेट विशेषज्ञों की नजर में बड़ी रणनीतिक चूक साबित हुई।

इस हार के साथ भारत का विश्व कप अभियान समाप्त हो गया, जबकि ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका ने ग्रुप-ए से सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। अब टीम प्रबंधन, कप्तान हरमनप्रीत कौर और मुख्य कोच अमोल मजूमदार की रणनीति की समीक्षा की मांग तेज हो गई है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत को भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों में सफलता हासिल करनी है, तो टीम चयन, कप्तानी और मैच के दौरान लिए जाने वाले सामरिक फैसलों में अधिक स्पष्टता और संतुलन लाना होगा।