

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोट


जिले के बाराकोट विकासखंड की चोमेल-मऊ सड़क की बदहाल स्थिति स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है सड़क पर जगह-जगह बने बड़े गड्ढे और कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारें राहगीरों और वाहन चालकों के लिए हादसों का कारण बन सकती हैं ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की मरम्मत की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जिलाधिकारी मनीष कुमार ने प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन चोमेल-मऊ सड़क पर इन निर्देशों का असर दिखाई नहीं दे रहा है ग्रामीणों के अनुसार संबंधित विभाग की अनदेखी के कारण सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।



चामी के पूर्व ग्राम प्रधान प्रकाश महर ने बताया कि चोमेल-मऊ सड़क क्षेत्र की कई दूरस्थ ग्राम सभाओं को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है इस सड़क से लगभग ढाई से तीन हजार की आबादी सीधे तौर पर जुड़ी हुई है और रोजाना बड़ी संख्या में लोग इसी मार्ग से आवागमन करते हैं।


प्रकाश महर ने बताया कि सड़क पर लंबे समय से बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं इसके अलावा पिछले वर्ष आई आपदा में कई स्थानों पर सुरक्षा दीवारें क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जिनकी अब तक मरम्मत नहीं कराई गई है उनका कहना है कि क्षतिग्रस्त सड़क और टूटी सुरक्षा दीवारों के कारण हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों के अनुसार खराब सड़क का सबसे अधिक असर मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों पर पड़ रहा है आपात स्थिति में अस्पताल ले जाने के दौरान उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो जाती है, जिससे जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।

पूर्व ग्राम प्रधान प्रकाश महर ने बताया कि क्षेत्रवासियों की ओर से कई बार लोक निर्माण विभाग, लोहाघाट से सड़क के गड्ढे भरने और क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारों की मरम्मत की मांग की गई, लेकिन अभी तक विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई उन्होंने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रशासन से शीघ्र सड़क की मरम्मत और सुरक्षा दीवारों के निर्माण की मांग की है, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके और क्षेत्रवासियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।



