

स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट


हल्द्वानी शहर में मंगलवार का दिन आग की घटनाओं के नाम रहा। शाम को हीरानगर स्थित केवीएम स्कूल परिसर में आग लगने के बाद देर रात मीरा मार्ग स्थित एक जूता दुकान में भी भीषण आग लग गई। इन घटनाओं से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।


जानकारी के अनुसार, रात करीब 9:45 बजे मीरा मार्ग स्थित माशा शूज नामक दुकान में अचानक आग भड़क उठी। कुछ ही समय में आग ने विकराल रूप ले लिया और दुकान के अंदर रखे जूते-चप्पल सहित अन्य सामान पूरी तरह इसकी चपेट में आ गया।



आग की ऊंची लपटें देखकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया।


दुकान में रखा पूरा सामान जलकर राख हो गया, जिससे लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिससे बड़ी राहत मिली।

बताया जा रहा है कि यह दुकान समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रभारी अब्दुल मतीन सिद्दीकी के छोटे पुत्र सुमेर सिद्दीकी की है। आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाया है और जांच की जा रही है।

इसी दिन शहर के हीरानगर क्षेत्र में केवीएम स्कूल परिसर में भी आग लगने की घटना सामने आई थी, जिससे दिनभर शहर में दहशत का माहौल बना रहा।



एसडीएम हल्द्वानी मोनिका ने बताया कि एक ही दिन में दो बड़ी आग की घटनाएं सामने आने के बाद फायर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि कई स्थानों पर फायर हाइड्रेंट सही तरीके से कार्य नहीं कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि यदि मुख्य मार्गों पर लगे फायर हाइड्रेंट सक्रिय होते तो आग पर तेजी से नियंत्रण पाया जा सकता था। इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
एसडीएम ने बताया कि शहर के सभी फायर हाइड्रेंट की जांच कर उनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। साथ ही जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी बड़े संस्थानों, स्कूलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लगातार सामने आ रही आग की घटनाओं ने शहर की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गर्मी के मौसम में विशेष सतर्कता बरतें और सभी संस्थान सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें।

