

स्थान : पिथौरागढ़
ब्यूरो रिपोर्ट


मुनस्यारी (पिथौरागढ़) सीमांत क्षेत्र मुनस्यारी में पशुपालन विभाग की भूमि पर पिटकुल द्वारा 33 केवी सब-स्टेशन एवं स्टोरेज निर्माण के प्रस्ताव को लेकर स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों ने इस प्रस्ताव को जनहित के खिलाफ बताते हुए विरोध दर्ज कराया है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि यह भूमि मूल रूप से वर्ष 1960 में क्षेत्रवासियों द्वारा पशुपालन विभाग को दान स्वरूप प्रदान की गई थी। उस समय यहां भेड़-बकरी पालन प्रमुख आजीविका का साधन था और इसी उद्देश्य से भूमि दी गई थी।



ग्रामीणों के अनुसार इस भूमि का उपयोग भी पशुपालन से जुड़ी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। यहां पशुओं के उपचार, भेड़-बकरियों को नहलाने, उन्नत नस्ल के मेढ़ों के प्रजनन तथा पूरे विकासखंड के पशुओं की चिकित्सा सेवाएं संचालित होती हैं।


इसके अलावा स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी क्षेत्र से भविष्य में पेयजल आपूर्ति, महाविद्यालय, इंटर कॉलेज, पैदल मार्ग तथा खलिया टॉप रोपवे जैसी महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की संभावनाएं भी जुड़ी हुई हैं। ऐसे में इस भूमि का उपयोग किसी अन्य परियोजना के लिए करना उचित नहीं होगा।

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि अन्य स्थानों पर भूमि उपलब्ध है तो फिर इसी संवेदनशील क्षेत्र का चयन क्यों किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार बुधवार को इस मुद्दे को लेकर प्रशासन, पिटकुल के अधिकारी तथा जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान इस विषय पर अधिकारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों के बीच लंबी चर्चा और बहस भी हुई।


फिलहाल मामला विचाराधीन है और स्थानीय स्तर पर विरोध को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।

