

ब्यूरो रिपोर्ट


भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बड़े मुकाबलों का दबाव उन पर नहीं, बल्कि उनके प्रदर्शन को और बेहतर बना देता है। श्रीलंका-ए के खिलाफ त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल में उन्होंने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए केवल 29 गेंदों में 94 रन बनाकर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।


दांबुला के रणगिरि दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए खिताबी मुकाबले में वैभव ने 10 चौके और 8 छक्कों की मदद से 324.14 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए। उनकी आक्रामक पारी के दम पर इंडिया-ए ने 50 ओवर में 9 विकेट पर 377 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।


वैभव सूर्यवंशी ने मैच के दौरान महज 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर नया रिकॉर्ड बना दिया। यह लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी मानी जा रही है। शुरुआत से ही उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और विपक्षी टीम को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।

दिलचस्प बात यह है कि यह पहली बार नहीं है जब वैभव ने बड़े मंच पर धमाकेदार प्रदर्शन किया हो। इससे पहले अंडर-19 विश्व कप फाइनल में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों में 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी। उस मुकाबले में उनके बल्ले से 15 चौके और 15 छक्के निकले थे और भारत ने विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था।
आईपीएल 2026 में भी वैभव ने नॉकआउट मुकाबलों में शानदार बल्लेबाजी की। एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 29 गेंदों में 97 रन और क्वालिफायर-2 में गुजरात टाइटन्स के खिलाफ 47 गेंदों में 96 रन बनाकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

हालांकि राजस्थान की टीम फाइनल तक नहीं पहुंच सकी, लेकिन वैभव ने अपने प्रदर्शन से यह दिखा दिया कि वह बड़े मैचों के खिलाड़ी हैं। आईपीएल में फाइनल खेलने से चूकने की निराशा को उन्होंने त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल में शानदार पारी खेलकर दूर कर दिया।


इस पूरी श्रृंखला में शुरुआती चार मुकाबलों में वैभव केवल 117 रन ही बना पाए थे, लेकिन जैसे ही खिताबी मुकाबला आया, उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। यही कारण है कि क्रिकेट विशेषज्ञ अब उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य मान रहे हैं।
महज 15 वर्ष की उम्र में लगातार फाइनल और नॉकआउट मुकाबलों में बड़ी पारियां खेलने वाले वैभव सूर्यवंशी अब आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए पूरी तरह तैयार हैं। माना जा रहा है कि आयरलैंड दौरे पर उन्हें टीम इंडिया के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण का मौका मिल सकता है। यदि उनका यह शानदार फॉर्म जारी रहा तो आने वाले वर्षों में वह भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो सकते हैं।

