मनरेगा से बने नाले पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल, गुणवत्ता और लंबाई को लेकर शिकायत

मनरेगा से बने नाले पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल, गुणवत्ता और लंबाई को लेकर शिकायत

स्थान : बाजपुर
ब्यूरो रिपोर्ट

बाजपुर के ग्राम नरखेड़ा में मनरेगा योजना के तहत बनाए गए नाले के निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आपत्तियां जताई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया और घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है, जिससे नाले की मजबूती और टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, मनरेगा योजना के अंतर्गत गांव में जल निकासी की समस्या को दूर करने के लिए नाले के निर्माण की स्वीकृति दी गई थी। लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ग्रामीणों ने इसकी गुणवत्ता और लंबाई को लेकर अनियमितताओं का आरोप लगाया है।

ग्रामीणों का कहना है कि स्वीकृत योजना के अनुसार नाले की लंबाई 106 मीटर निर्धारित की गई थी, जबकि मौके पर केवल लगभग 75 मीटर नाले का ही निर्माण दिखाई दे रहा है। ऐसे में करीब 31 मीटर नाला कम बनाए जाने का आरोप लगाया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान निर्धारित मानकों की अनदेखी की गई और कार्य में इस्तेमाल की गई सामग्री भी गुणवत्ता के अनुरूप नहीं है। उनका कहना है कि यदि समय रहते मामले की जांच नहीं की गई तो भविष्य में नाला क्षतिग्रस्त हो सकता है।

ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि नाले की वास्तविक लंबाई और निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि सरकारी धन का उपयोग पारदर्शी और नियमानुसार होना चाहिए।

फिलहाल मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है। वहीं, प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी शिकायतों पर जल्द संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।