

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट


उत्तराखंड में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। केंद्र सरकार की ‘पीएम ई-बस सेवा’ योजना के तहत देहरादून और हरिद्वार में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच रही हैं। इसके लिए आवश्यक आधारभूत ढांचे का विकास भी तेजी से किया जा रहा है।


हाल ही में आयोजित देहरादून सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड की बोर्ड बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों को मंजूरी दी गई। बैठक में बस संचालन, रूट निर्धारण और किराया संरचना सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।



उत्तराखंड परिवहन निगम की प्रबंध निदेशक रीना जोशी ने बताया कि पीएम ई-बस सेवा के अंतर्गत देहरादून के लिए 100 और हरिद्वार के लिए 37 इलेक्ट्रिक बसें प्रस्तावित की गई हैं। इन बसों के संचालन से दोनों शहरों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।


उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों का संचालन आगामी कुछ समय में शुरू करने की योजना है। इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि यात्रियों को सुरक्षित, सुलभ और आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

बोर्ड बैठक में बसों के संभावित रूटों और किराये के निर्धारण को प्राथमिकता दी गई। अधिकारियों द्वारा किए गए प्रारंभिक सर्वेक्षण के आधार पर उन मार्गों की पहचान कर ली गई है, जहां यात्रियों की संख्या अधिक है और सार्वजनिक परिवहन की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

रीना जोशी ने बताया कि चयनित रूटों को बोर्ड की आधिकारिक स्वीकृति भी मिल चुकी है। अब इन मार्गों पर संचालन की तैयारियों को आगे बढ़ाया जा रहा है। साथ ही बस स्टॉप, चार्जिंग स्टेशन और अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास पर भी कार्य किया जा रहा है।


पीएम ई-बस सेवा के शुरू होने से देहरादून और हरिद्वार के यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से प्रदूषण में कमी आएगी और राज्य में हरित एवं टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

