

स्थान : चमोली
ब्यूरो रिपोर्ट


थराली चमोली केंद्रीय मां नंदादेवी राजराजेश्वरी समिति ने आगामी नंदा देवी राजजात यात्रा की तैयारियों और यात्रा मार्गों पर विकास कार्यों को लेकर जिलाधिकारी चमोली के नाम एक ज्ञापन प्रेषित किया है। समिति के अध्यक्ष सुशील रावत के नेतृत्व में यह ज्ञापन उपजिलाधिकारी थराली यशवीर सिंह के माध्यम से भेजा गया।


समिति ने ज्ञापन में मांग की है कि नंदा देवी राजजात के विभिन्न पड़ावों पर आवश्यक विकास कार्यों के प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए तथा इनके लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि यात्रा का संचालन सुचारु रूप से किया जा सके।



ज्ञापन में समिति ने स्पष्ट किया कि यदि वर्ष 2026 में प्रस्तावित बड़ी जात का आयोजन लोकजात के रूप में किया जाता है तो यात्रा का भव्य स्वागत किया जाएगा। हालांकि, समिति ने यह भी कहा कि आस्था, परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।


समिति ने कहा कि बड़ी जात में शामिल होने वाली गैर-परंपरागत डोलियों और राजछंतोली की व्यवस्था तथा उससे संबंधित जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस विषय पर स्पष्ट नीति बनाए जाने की भी मांग की गई है।
समिति ने सिद्धपीठ कुरुड़ को पर्यटन मानचित्र पर स्थान मिलने पर खुशी व्यक्त करते हुए सिद्धपीठ देवराड़ा को भी राज्य और राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र में शामिल करने की मांग उठाई। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को नई पहचान मिलेगी।


ज्ञापन में यात्रा मार्गों और पड़ावों पर आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर भी विशेष जोर दिया गया। समिति ने पैदल मार्गों के सुधार, पुलियों के निर्माण और आवश्यक मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता देने की मांग की है।


इसके अलावा यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विद्युत आपूर्ति, पेयजल व्यवस्था और सोलर लाइट लगाने की मांग भी रखी गई है। समिति का कहना है कि इन व्यवस्थाओं से यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा।
समिति ने यात्रा पड़ावों पर वाहन पार्किंग, रेन शेल्टर और अन्य आवश्यक सुविधाओं के निर्माण के प्रस्ताव भी प्रशासन को सौंपे हैं। समिति को उम्मीद है कि शासन और प्रशासन समय रहते इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर नंदा देवी राजजात यात्रा की तैयारियों को गति प्रदान करेगा।

