

स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट


उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में हिमालयी राज्यों के लिए विशेष नीति बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिकी संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को इस नीति में शामिल किया जाना चाहिए।


मुख्यमंत्री धामी ने बैठक में हिमालयी राज्यों के समक्ष मौजूद भौगोलिक और पर्यावरणीय चुनौतियों का उल्लेख करते हुए इनके लिए दीर्घकालिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की भी पुरजोर पैरवी की। उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्यों के सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए केंद्र सरकार की विशेष सहायता आवश्यक है।



बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के विकास का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत करते हुए कहा कि ‘विकसित उत्तराखंड’ का लक्ष्य ‘विकसित भारत-2047’ के राष्ट्रीय संकल्प से सीधे जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मानव संसाधन विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और युवा सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है।


मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने प्रारंभिक बाल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य युवाओं को केवल रोजगार प्राप्त करने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना है। उन्होंने कहा कि कौशल आधारित शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीति आयोग के सभी सदस्यों को अगले वर्ष उत्तराखंड में आयोजित होने वाले कुंभ मेले और नंदा राजजात यात्रा में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि ये दोनों आयोजन उत्तराखंड की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और धार्मिक विरासत के प्रतीक हैं तथा देश-विदेश के श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं।


मुख्यमंत्री के इस प्रस्तुतीकरण को उत्तराखंड के विकास, पर्यावरण संरक्षण और हिमालयी क्षेत्रों की विशेष जरूरतों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



