उर्स मुबारक में दिखी कौमी एकता की मिसाल, देश की खुशहाली के लिए मांगी दुआ

उर्स मुबारक में दिखी कौमी एकता की मिसाल, देश की खुशहाली के लिए मांगी दुआ

स्थान : रानीखेत
रिपोर्टर : संजय जोशी

रानीखेत में आयोजित उर्स मुबारक के अवसर पर कौमी एकता, भाईचारे और इंसानियत की अनूठी मिसाल देखने को मिली। नगरवासियों की ओर से बाबा की मजार पर चादर चढ़ाई गई और देश की खुशहाली, अमन-चैन तथा तरक्की के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। इस दौरान बड़ी संख्या में जायरीन और अकीदतमंद दरगाह पहुंचे।

उर्स मुबारक में सभी धर्मों और समुदायों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। श्रद्धालुओं ने देश की सलामती, सीमाओं पर तैनात जवानों की सुरक्षा और समाज में प्रेम, सौहार्द तथा भाईचारे की भावना मजबूत होने की दुआ की।

इस अवसर पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने नगरवासियों की ओर से दरगाह पर चादर चढ़ाकर प्रदेश और देश की खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम के दौरान दरगाह परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा और पूरे क्षेत्र में श्रद्धा एवं आस्था का माहौल देखने को मिला।

दरगाह के खादिम मो. मोहसिन ने सभी श्रद्धालुओं और मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि उर्स केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि इंसानियत, प्रेम और आपसी सद्भाव का संदेश देने वाला पर्व है। उन्होंने कहा कि यहां हर धर्म और समुदाय के लोग एक साथ आकर देश और समाज की बेहतरी के लिए दुआ करते हैं।

आयोजन समिति की ओर से आम लंगर का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। एक साथ बैठकर भोजन करने का दृश्य सामाजिक समरसता, कौमी एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने वाली खूबसूरत मिसाल बन गया। आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।