उर्गम घाटी में शुरू हुआ 29वां गौरा देवी पर्यावरण मेला, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

उर्गम घाटी में शुरू हुआ 29वां गौरा देवी पर्यावरण मेला, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

स्थान : देहरादून
ब्यरो रेपोर्ट

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर चमोली जिले की उर्गम घाटी में रिमझिम बारिश के बीच दो दिवसीय राज्य स्तरीय 29वें गौरा देवी पर्यावरण मेले का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खत्री ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सात लोगों को गौरा देवी सम्मान से सम्मानित किया गया।

ज्योतिर्मठ की कल्प घाटी स्थित उर्गम में पंचम केदार भगवान कल्पेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना के साथ मेले की शुरुआत हुई। सुबह पर्यावरण जागरूकता रैली भी निकाली गई, जिसमें लोगों ने पेड़ों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा का संकल्प लिया।

मेले में स्कूली छात्र-छात्राओं, महिला मंगल दलों और स्थानीय सांस्कृतिक समूहों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। पर्यावरण संरक्षण, लोक संस्कृति और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।

इस दौरान विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनियां भी लगाई गईं। मेले में पहुंचे लोगों ने इन प्रदर्शनियों का अवलोकन कर योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। दो दिवसीय आयोजन में खेलकूद प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से प्रकृति और जंगलों को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया और विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया।

आयोजन समिति के सचिव लक्ष्मण सिंह नेगी ने विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए चिपको आंदोलन की प्रणेता गौरा देवी को याद किया। उन्होंने कहा कि गौरा देवी ने पेड़ों की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया और पूरी दुनिया को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उनकी स्मृति में प्रतिवर्ष राज्य स्तरीय गौरा देवी पर्यावरण मेले का आयोजन किया जाता है।

गौरा देवी सम्मान से सम्मानित शेखर रावत, सावित्री मंगाई, रणजीत सिंह और बाल कवि कार्तिक तिवारी सहित अन्य सम्मानित व्यक्तियों ने खुशी व्यक्त करते हुए आयोजन समिति का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें समाज और पर्यावरण के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा।