

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट


उत्तराखंड में आगामी मानसून सीजन के दस्तक देने से पहले देहरादून जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण की तैयारियों को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है संभावित आपदाओं और जलभराव जैसी स्थितियों से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड में आ गया है।


इस क्रम में देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने एक और महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है इस बैठक में सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे, ताकि मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।


जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन आपदा प्रबंधन को लेकर पूरी तरह गंभीर है उन्होंने कहा कि बीते दिनों भी जल संस्थान सहित विभिन्न विभागों और क्विक रिस्पांस टीम (QRT) की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई थी इस समीक्षा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपातकालीन परिस्थितियों में सभी टीमें तुरंत और प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें।

उन्होंने बताया कि मानसून को देखते हुए जल संस्थान और क्यूआरटी (QRT) की तैयारियों को परखा जा रहा है साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि राहत और बचाव कार्यों के लिए उपलब्ध संसाधन कितने सशक्त और क्रियाशील हैं।
प्रशासन अब जिले में संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान पर भी काम कर रहा है वॉटर लॉगिंग (जलभराव) और लो-लाइंग इलाकों को चिन्हित किया जा रहा है, ताकि वहां पहले से ही आवश्यक इंतजाम किए जा सकें और नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।

इसके साथ ही प्रभावित हो सकने वाली आबादी का डेटा भी एकत्र किया जा रहा है, जिससे किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत राहत और पुनर्वास की व्यवस्था की जा सके प्रशासन का लक्ष्य एक व्यवस्थित और प्रभावी आपदा प्रबंधन योजना तैयार करना है।


जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागों को अलर्ट मोड में रहने और आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके और जनहानि व संपत्ति के नुकसान को कम किया जा सके।

