

स्थान : चमोली
ब्यूरो रिपोर्ट


यूनेस्को विश्व प्राकृतिक धरोहर के रूप में प्रसिद्ध फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान में देशी और विदेशी पर्यटकों की आमद धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ने लगी है एक जून को घाटी के प्रवेश द्वार खुलने के बाद से अब तक बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमी यहां पहुंच चुके हैं।


उद्यान प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस सीजन में अब तक 11 विदेशी पर्यटकों सहित लगभग 500 पर्यटक फूलों की घाटी का भ्रमण कर चुके हैं प्राकृतिक सौंदर्य, दुर्लभ पुष्प प्रजातियों और हिमालयी जैव विविधता के कारण यह स्थल हर वर्ष देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है।



मानसून के आगमन के साथ घाटी की हरियाली और प्राकृतिक छटा लगातार निखर रही है आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने से स्थानीय लोगों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी लाभ मिलने लगा है।


विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान के पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र (ईएसजेड) में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस दौरान पार्क कर्मियों और ईको विकास समिति भ्यूंडार ने संयुक्त रूप से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

कार्यक्रम के तहत “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण किया गया इस अवसर पर मौजूद पर्यटकों, स्थानीय लोगों और वन कर्मियों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण तथा हरित भविष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।


अधिकारियों ने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने का भी महत्वपूर्ण प्रयास है उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की।


कार्यक्रम में मौजूद प्रकृति प्रेमी पर्यटकों ने भी पर्यावरण संरक्षण के इस प्रयास की सराहना की फूलों की घाटी में बढ़ती पर्यटक गतिविधियों और पर्यावरण संरक्षण अभियानों के माध्यम से पर्यटन और प्रकृति संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में सकारात्मक संदेश दिया गया।

