

स्थान : लकसर
ब्यूरो रिपोर्ट


लक्सर में पत्रकारों और तहसील प्रशासन के बीच पिछले छह दिनों से चल रहा विवाद आखिरकार समाप्त हो गया। पत्रकारों की एकजुटता और लगातार बढ़ते दबाव के बाद प्रशासन को बड़ा फैसला लेना पड़ा। हरिद्वार जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के हस्तक्षेप के बाद आरोपी कर्मचारी खुशाल सिंह रावत का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण और डिमोशन कर दिया गया।


इस कार्रवाई के बाद पत्रकार संगठनों में खुशी का माहौल देखा गया। लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शन और धरने के चलते मामला लगातार गरमाया हुआ था। पत्रकार संगठन आरोपी कर्मचारी पर कार्रवाई की मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे थे।


पत्रकार सम्मान की इस लड़ाई में प्रेस क्लब के साथ-साथ किसान संगठनों, अधिवक्ताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी खुलकर समर्थन दिया। सभी संगठनों ने एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा संभाला और पत्रकारों के सम्मान की लड़ाई को मजबूत किया।


लगातार बढ़ते जनदबाव और पत्रकारों की एकता के आगे आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा। जिलाधिकारी द्वारा सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल कार्रवाई किए जाने के बाद पूरे मामले का समाधान निकल सका। प्रशासन के इस फैसले को पत्रकार संगठनों ने बड़ी जीत बताया है।

पत्रकार नेताओं का कहना है कि यह केवल एक कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के सम्मान की जीत है। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज की आवाज़ उठाने का काम करते हैं और उनके सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।


जिलाधिकारी के फैसले के बाद पत्रकारों और उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल है। विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन के फैसले का स्वागत करते हुए इसे न्यायपूर्ण कार्रवाई बताया। कई स्थानों पर पत्रकारों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की।


वहीं, इस पूरे मामले को लेकर 29 मई को प्रस्तावित बड़ा जन आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। पत्रकार संगठनों ने कहा कि प्रशासन द्वारा उचित कार्रवाई किए जाने के बाद फिलहाल आंदोलन को रोक दिया गया है, लेकिन भविष्य में पत्रकार सम्मान से जुड़े मामलों पर इसी तरह एकजुटता जारी रहेगी।
ब्यूरो रिपोर्ट

