

स्थान : विकासनगर
ब्यूरो रिपोर्ट


देहरादून के विकासनगर क्षेत्र से चाय बागान की सीलिंग भूमि पर अवैध रजिस्ट्रियों का बड़ा मामला सामने आया है। जिलाधिकारी देहरादून के निर्देश पर गठित जांच समिति की बैठक में कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं।


जांच में सामने आया है कि उप निबंधक प्रथम और द्वितीय कार्यालय के माध्यम से कुल 288 रजिस्ट्रियां दर्ज की गई हैं। आरोप है कि ये रजिस्ट्रियां ऐसी भूमि पर की गईं, जिस पर कानूनन खरीद-फरोख्त प्रतिबंधित थी।


मामले की गंभीरता को देखते हुए उप जिलाधिकारी विकासनगर को प्रत्येक खसरा नंबर की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को यह पता लगाने को कहा गया है कि कौन-कौन सी जमीन सीलिंग श्रेणी में आती है।


इसके साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि किन मामलों में दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी की गई और किस आधार पर भूमि हस्तांतरण किए गए। राजस्व विभाग को पूरे प्रकरण की गहन जांच कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासनिक स्तर पर शुरू हुई इस कार्रवाई के बाद विकासनगर में जमीन से जुड़े इस कथित घोटाले की परतें खुलनी शुरू हो गई हैं। अब पूरे मामले पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से हुई तो कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।


इस मुद्दे को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में भी स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से पारदर्शी जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रेस वार्ता के दौरान सुमित कुमार, भीम सिंह, डॉ. दीपक और विपिन पंवार सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।

