कमेड़ा गांव में जनचौपाल, ग्रामीणों ने डीएम के सामने रखीं समस्याएं

कमेड़ा गांव में जनचौपाल, ग्रामीणों ने डीएम के सामने रखीं समस्याएं

स्थान : पौड़ी
ब्यूरो रिपोर्ट

विकासखंड पौड़ी के कमेड़ा गांव में आयोजित जनचौपाल में ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क, सिंचाई, कृषि और आपदा से जुड़ी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष प्रमुखता से उठाईं। चौपाल में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कई मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

चौपाल के दौरान कंडारा गांव के प्रधान ने शिकायत करते हुए बताया कि क्षेत्र में पेयजल लाइन को बार-बार क्षतिग्रस्त किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

इस पर जिलाधिकारी ने प्रधान को पेयजल लाइन को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्ति की पहचान करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों को दोषी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश भी दिए गए।

वहीं, कोलापातल पंपिंग योजना का पानी कमेड़ा गांव तक नहीं पहुंचने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

ग्रामीणों द्वारा अन्य गांवों में भी पेयजल संकट की समस्या उठाए जाने पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता को ग्रामवासियों के साथ मौके का निरीक्षण कर तकनीकी समस्याओं को चिन्हित करने को कहा।

चौपाल में रैदुल और रछुली गांवों के आपदा कार्यों को एसडीएमएफ में प्रस्तावित करने, मुर्गीबाड़े और गौशाला की लंबित धनराशि जारी करने तथा कंडारा इंटर कॉलेज में पेड़ कटान की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

इसके अलावा दिव्यांग प्रमाण पत्र शिविर के माध्यम से बनवाने, घेरबाड़, चेकडैम और सोलर पंपिंग योजनाओं को प्राथमिकता से संचालित करने तथा सिंचाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए।

कार्यक्रम के दौरान “समलौंण आंदोलन” के तहत पौधरोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें जिलाधिकारी और ग्रामीणों ने मिलकर पौधे लगाए।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी द्वारा गांव पहुंचकर समस्याएं सुनने और समाधान की दिशा में पहल करने की सराहना की। इस अवसर पर क्षेत्र पंचायत सदस्य कुसुम खंडूरी, ग्राम प्रधान शांति देवी, ग्राम प्रधान सुमन प्रसाद, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी सहित कई अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।