

वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा, लेकिन बड़ी पारी खेलने का इंतजार अभी भी जारी है। इंडियन प्रीमियर लीग में राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ केवल 21 गेंदों में 46 रन की तूफानी पारी खेली। उनका स्ट्राइक रेट 200 से अधिक रहा, लेकिन अर्धशतक से पहले आउट होने के बाद उनकी बल्लेबाजी को लेकर नई बहस शुरू हो गई।



वैभव की बल्लेबाजी ने एक बार फिर दिखाया कि वह कुछ ही गेंदों में मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। पावरप्ले में तेज गेंदबाजों पर आक्रामक प्रहार और स्पिनरों पर दबाव बनाना उनकी शैली का अहम हिस्सा बन चुका है। मैदान पर उतरते ही उन्होंने दिल्ली के गेंदबाजों पर हमला बोल दिया और तेजी से रन बटोरे।


हालांकि उनकी पारी का अंत एक धीमी गेंद पर हुआ, जिसके बाद उनकी “स्लो बॉल कमजोरी” को लेकर चर्चा तेज हो गई। दिल्ली के गेंदबाज माधव तिवारी की धीमी गेंद पर वैभव बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में चूक गए और लॉन्ग ऑफ पर कैच आउट हो गए। शानदार लय में दिख रहे वैभव की पारी 46 रन पर समाप्त हो गई।

मैच के बाद यह सवाल उठने लगा कि क्या वैभव सिर्फ तेज गेंदों के खिलाफ ही खतरनाक साबित हो रहे हैं। लेकिन राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौड़ ने इस धारणा को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि विरोधी टीमें स्लो बॉल के जरिए उन्हें रोकना चाहती हैं तो वे कोशिश जारी रख सकती हैं।

राठौड़ ने स्पष्ट किया कि टीम मैनेजमेंट वैभव की बल्लेबाजी शैली में बदलाव नहीं चाहता। उनका मानना है कि वैभव एक ऐसे बल्लेबाज हैं जो कुछ ही गेंदों में मैच की गति बदल सकते हैं और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
राजस्थान रॉयल्स को वैभव में पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग जैसी झलक दिखाई दे रही है। सहवाग की तरह वैभव भी शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाते हैं और मैच का टेम्पो बदल देते हैं। हालांकि फर्क यह है कि सहवाग अक्सर अपनी तेज शुरुआत को बड़े शतक में बदल देते थे, जबकि वैभव अभी उस अंतिम चरण तक पहुंचकर रुक रहे हैं।

टीम प्रबंधन का मानना है कि वैभव अभी सीखने के दौर में हैं और धीरे-धीरे अपनी छोटी लेकिन विस्फोटक पारियों को बड़े स्कोर में बदलना सीख जाएंगे। उनके पिछले कुछ स्कोर इस बात का संकेत देते हैं कि उनमें निरंतरता और आक्रामकता दोनों मौजूद हैं।


दिलचस्प बात यह है कि वैभव की सबसे बड़ी “समस्या” यही बन गई है कि लोग अब उनसे हर मैच में बड़ी पारी की उम्मीद करने लगे हैं। राजस्थान रॉयल्स को भरोसा है कि जिस दिन वैभव अपनी तेज शुरुआत को शतक में बदल देंगे, उस दिन वह सिर्फ मैच ही नहीं बल्कि पूरे टूर्नामेंट का समीकरण बदल सकते हैं।

