

स्थान : रुड़की
ब्यरो रिपोर्ट


रुड़की में 400 केवी काशीपुर–रुड़की पारेषण लाइन निर्माण को लेकर चल रहा विवाद अब सुलझता नजर आ रहा है। किसानों और अधिकारियों के बीच हुई वार्ता सफल रही, जिसके बाद परियोजना का निर्माण कार्य दोबारा शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। किसानों को फसल नुकसान का नियमानुसार मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया है।


पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा बनाई जा रही 400 केवी काशीपुर–रुड़की पारेषण लाइन परियोजना के तहत टावर संख्या 415 नदी के बहाव से प्रभावित हो गया था। इसके बाद नया टावर 373 के पास स्थापित किया जा रहा है।


निर्माण कार्य के दौरान किसानों द्वारा रास्ता न दिए जाने और कार्य में बाधा डालने के कारण पाइल फाउंडेशन का काम प्रभावित हो रहा था। किसानों ने रास्ता खोदकर मशीनों की आवाजाही भी रोक दी थी, जिससे परियोजना का कार्य पूरी तरह ठप पड़ गया था।


मामले के समाधान के लिए ढंढेरी स्थित बाइटवेव इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी एवं फूड पार्क कार्यालय में किसानों और अधिकारियों के बीच बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों पक्षों के बीच विस्तार से चर्चा हुई और किसानों की समस्याओं को सुना गया।

पावर ग्रिड अधिकारियों ने किसानों को भरोसा दिलाया कि फसल क्षति का मुआवजा तय मानकों के अनुसार दिया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा और सभी नियमों के तहत उचित भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।


अधिकारियों ने यह भी कहा कि मानसून शुरू होने से पहले निर्माण कार्य पूरा करना बेहद जरूरी है, ताकि विद्युत परियोजना समय पर संचालित की जा सके। यदि निर्माण कार्य में और देरी हुई तो परियोजना पर अतिरिक्त प्रभाव पड़ सकता है।


पंकज शांडिल्य ने बताया कि किसानों और पावर ग्रिड अधिकारियों के बीच हुई वार्ता सफल रही है। उन्होंने कहा कि बरसात से पहले निर्माण कार्य पूरा कराने का आश्वासन दिया गया है।
वार्ता सफल होने के बाद किसानों ने भी संतोष जताया और निर्माण कार्य के लिए रास्ता देने पर सहमति जता दी। अब उम्मीद की जा रही है कि लंबे समय से प्रभावित परियोजना का कार्य जल्द गति पकड़ेगा और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सकेगा।

