

स्थान : पौड़ी
ब्यरो रिपोर्ट


सतपुली में चर्चित पंकज सुसाइड केस को लेकर विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों ने रविवार को धरना-प्रदर्शन कर जोरदार आक्रोश जताया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य बाजार में जुलूस निकालते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी की।


बस अड्डे के निकट राधाकृष्ण मंदिर परिसर में आयोजित जनसभा में पूर्व सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता Pradeep Tamta ने मामले को बेहद संवेदनशील बताते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक अनुसूचित जाति के युवक को पुलिस प्रताड़ना ने आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं होना गंभीर सवाल खड़े करता है।

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कई स्थानों से पुलिस द्वारा आम लोगों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पुलिस शराब, खनन और भू-माफियाओं की “मित्र” बन चुकी है, जबकि आम जनता को छोटी-छोटी बातों पर परेशान और प्रताड़ित किया जा रहा है।


भाकपा (माले) के राज्य सचिव Indresh Maikhuri, केंद्रीय कमेटी सदस्य कैलाश पांडे, सद्भावना मंच के भुवन पाठक, माकपा के राज्य सचिव राजेंद्र पुरोहित और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रेम बहुखंडी समेत कई वक्ताओं ने आरोपी थानाध्यक्ष और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मृतक पंकज के साथ थाने में मारपीट की गई और उसकी मां के सामने गाली-गलौज की गई, जिससे वह मानसिक रूप से इतना आहत हुआ कि उसने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।


जनसभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी सतपुली Rekha Arya के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में पुलिसकर्मियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने, एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने, मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने और परिजनों को सरकारी नौकरी देने की मांग की गई।


प्रदर्शन के बाद विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मृतक पंकज के रैतपुर स्थित घर पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी। इस दौरान मृतक की बड़ी बहन प्रिया और अन्य सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

धरना-प्रदर्शन में आइसा के प्रदेश अध्यक्ष अंकित उछोली, इंसानियत मंच के प्रतिनिधि, पूर्व प्रमुख पोखड़ा सुरेंद्र रावत, जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह, यूकेडी नेता अनुराग बौंठियाल, संदीप रौतेला, एडवोकेट कैलाश जोशी, पत्रकार त्रिलोचन भट्ट, भुवन पाठक और प्रभात ध्यानी समेत कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोग मौजूद रहे।

