

स्थान :रुद्रप्रयाग
ब्यूरो रिपोर्ट


रुद्रप्रयाग जनपद में जवाड़ी पुल के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों की आपदा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। एक कार अनियंत्रित होकर करीब 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी, जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।


घटना की सूचना मिलते ही SDRF और DDRF की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और बिना समय गंवाए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। दुर्गम और जोखिम भरे हालात के बावजूद जवानों ने साहस दिखाते हुए दोनों घायलों को खाई से बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू टीम की इस मुस्तैदी की स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की।


रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बड़ी लापरवाही सामने आई। बताया जा रहा है कि घायल लंबे समय तक सड़क किनारे दर्द से तड़पते रहे, लेकिन समय पर एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंच सकी। इस दौरान लोगों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली।


घायलों की हालत गंभीर होने पर आपदा राहत टीम के वाहन से ही उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घायल दर्द से कराहते रहे और आसपास मौजूद लोग लगातार मदद की गुहार लगाते रहे। मौके का माहौल काफी भावुक और चिंताजनक बना रहा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि केदारनाथ यात्रा मार्ग जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में हर समय आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहनी चाहिए। बावजूद इसके, जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य और एंबुलेंस सेवाओं की स्थिति बेहद कमजोर दिखाई दे रही है।

यात्रियों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि यात्रा मार्गों और दुर्घटना संभावित इलाकों में पर्याप्त संख्या में एंबुलेंस और मेडिकल टीमें तैनात की जाएं। उनका कहना है कि पहाड़ों में हर मिनट की देरी किसी की जान पर भारी पड़ सकती है।


एक ओर SDRF और DDRF की तत्परता ने दो लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई, वहीं दूसरी ओर एंबुलेंस व्यवस्था की धीमी रफ्तार ने सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय पर चिकित्सा सहायता मिलती तो घायलों को कम पीड़ा झेलनी पड़ती।
अब सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है। स्थानीय जनता ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाए, ताकि किसी घायल को मदद के लिए इंतजार न करना पड़े।

