

स्थान :हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट


हरिद्वार के रोशनाबाद स्थित विकास भवन में सोमवार को दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे मधुमक्खी पालकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने मधु निरीक्षक अधिकारी सेठीलाल पर मनमानी और गलत फैसले लेने के गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग उठाई।


प्रदर्शन कर रहे मधुमक्खी पालकों का कहना है कि अधिकारी के निर्देशों पर उनके मधु के बक्सों को दूरस्थ क्षेत्रों में भेजा गया, जहां मौसम और परिस्थितियां अनुकूल नहीं थीं। इसके चलते बड़ी संख्या में मधुमक्खियों की मौत हो गई और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।


किसानों ने आरोप लगाया कि मधुमक्खियों के मरने से उनके शहद उत्पादन पर भी गंभीर असर पड़ा है। कई पालकों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर मधुमक्खी पालन का काम शुरू किया था, लेकिन अब नुकसान के कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

मधुपालकों ने बताया कि उन्होंने इस मामले की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का आरोप है कि उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे उनमें भारी नाराजगी है।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने मांग की कि मधु निरीक्षक अधिकारी सेठीलाल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया जाए। साथ ही जिन मधुपालकों को नुकसान हुआ है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए ताकि वे दोबारा अपने व्यवसाय को संभाल सकें।

किसानों ने यह भी मांग की कि भविष्य में मधुमक्खी पालकों के साथ किसी प्रकार का शोषण न हो, इसके लिए स्पष्ट और पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए। उनका कहना है कि बिना उचित जांच और योजना के मधु बक्सों को दूसरे क्षेत्रों में भेजना किसानों के हितों के खिलाफ है।


प्रदर्शन कर रहे मधुपालकों ने कहा कि मधुमक्खी पालन उनके रोजगार का मुख्य साधन है और इस तरह की लापरवाही से उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की।
पीड़ित किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को और बड़ा करने के लिए मजबूर होंगे। किसानों ने कहा कि न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

