खदरी खड़क माफ में दर्दनाक हादसा, आग में जिंदा जले बुजुर्ग

खदरी खड़क माफ में दर्दनाक हादसा, आग में जिंदा जले बुजुर्ग

स्थान :ऋषिकेश
ब्यूरो रिपोर्ट

हरिद्वार के खदरी खड़क माफ क्षेत्र में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में 74 वर्षीय बुजुर्ग की झोपड़ी में लगी आग में जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में शोक और दहशत का माहौल बन गया। सबसे मार्मिक दृश्य यह रहा कि बुजुर्ग के बेटे सामने खड़े होकर उन्हें बचाने की कोशिश करते रहे, लेकिन आग की भीषण लपटों के कारण अंदर नहीं जा सके।

जानकारी के अनुसार दोपहर करीब एक बजे श्यामपुर चौकी पुलिस और फायर सर्विस को 112 के माध्यम से सूचना मिली कि खदरी पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास एक झोपड़ी में आग लगी हुई है। सूचना मिलते ही अपर उप निरीक्षक मनोज रावत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

करीब 1 बजकर 34 मिनट पर फायर सर्विस की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई। फायर कर्मियों और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

आग बुझने के बाद झोपड़ी के भीतर एक व्यक्ति का शव पूरी तरह जली हुई अवस्था में मिला। परिजनों ने मृतक की पहचान मंगत सिंह (74) पुत्र स्वर्गीय धर्म सिंह निवासी खदरी खड़क माफ के रूप में की। बताया गया कि परिजन बगल में स्थित दूसरी झोपड़ी में रहते हैं।

परिजनों ने पुलिस को बताया कि जब उन्होंने झोपड़ी में आग लगते देखी तो बुजुर्ग को बचाने के लिए अंदर जाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी विकराल हो चुकी थी कि कोई भीतर नहीं जा सका। झोपड़ी के ऊपर रखी प्लास्टिक की चादर जलकर पिघल रही थी और नीचे टपक रही थी, जिससे स्थिति और भयावह हो गई।

प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। पुलिस और फायर विभाग घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है और स्थानीय लोग घटना से स्तब्ध हैं।

मृतक के तीनों बेटों ने पुलिस को लिखित प्रार्थना पत्र देकर पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी कार्रवाई न किए जाने की मांग की है। परिवार का कहना है कि यह एक दर्दनाक हादसा था और वे अंतिम संस्कार जल्द करना चाहते हैं।

प्रभारी निरीक्षक केसी भट्ट ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला दुर्घटना का प्रतीत हो रहा है और अब तक किसी आपराधिक गतिविधि के संकेत नहीं मिले हैं। बावजूद इसके पुलिस मामले की जांच कर रही है। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।