रुड़की में गरमाई किसान राजनीति, सचिन टोडा ने विरोधियों पर बोला हमला

रुड़की में गरमाई किसान राजनीति, सचिन टोडा ने विरोधियों पर बोला हमला

स्थान :रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

रुड़की में किसान राजनीति एक बार फिर चर्चा में आ गई है। भारतीय किसान यूनियन रोड से अलग होने के बाद किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन उत्तराखंड के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन टोडा ने पत्रकार वार्ता कर संगठन के भीतर चल रही गुटबाजी और कई विवादों पर खुलकर बयान दिया।

प्रेस क्लब कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में सचिन टोडा ने कहा कि उन्होंने कुछ दिन पहले भारतीय किसान यूनियन रोड से दूरी बनाई थी। इसके पीछे संगठन में लगातार बढ़ रही गुटबाजी और किसानों की आवाज को दबाए जाने जैसी परिस्थितियां जिम्मेदार थीं।

उन्होंने दावा किया कि उनके फैसले के बाद बड़ी संख्या में किसान उनके समर्थन में सामने आए, जिसके बाद भारतीय किसान यूनियन उत्तराखंड की स्थापना की गई। टोडा ने कहा कि उनका संगठन बिना किसी स्वार्थ के किसानों की आवाज उठाता रहेगा।

पत्रकार वार्ता के दौरान सचिन टोडा ने पदम सिंह रोड पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “पानी वहीं भरता है जहां गड्ढा होता है।” टोडा ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने मदरसा भूमि का मुद्दा उठाया था, तब किसी संगठन या व्यक्ति का नाम नहीं लिया गया था, फिर कुछ लोग सामने आकर सफाई क्यों दे रहे हैं।

उन्होंने एक व्यापारी पर भी तंज कसते हुए कहा कि किसानों की आवाज उठाने के लिए काबिलियत चाहिए, चापलूसी नहीं। टोडा ने कहा कि जो लोग उन पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें पहले यह देखना चाहिए कि उन्होंने किसानों के हित में क्या काम किए हैं।

सचिन टोडा ने स्पष्ट कहा कि आने वाले समय में उनका संगठन और मजबूत होगा तथा किसानों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की लड़ाई लड़ने के लिए हौसले और ईमानदारी की जरूरत होती है।

पत्रकार वार्ता के दौरान टोडा ने कई बड़े खुलासों के संकेत भी दिए। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में कई अहम तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा, जिससे किसान राजनीति में और हलचल मच सकती है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद रुड़की और आसपास के क्षेत्रों में किसान राजनीति तेज हो गई है। अब सभी की नजरें सचिन टोडा और उनके संगठन की आगामी रणनीति पर टिकी हुई हैं।