उत्तराखंड में हाथियों की निगरानी के लिए AI तकनीक का सहारा, वन विभाग अलर्ट

उत्तराखंड में हाथियों की निगरानी के लिए AI तकनीक का सहारा, वन विभाग अलर्ट

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के तराई क्षेत्रों में जंगली हाथियों के रिहायशी इलाकों में पहुंचने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डर और दहशत का माहौल बना रहता है। वहीं हाथियों के पारंपरिक प्रवासन मार्गों के बीच से गुजर रही रेलवे लाइनों के कारण उनके घायल होने या जान जाने का खतरा भी बढ़ गया है।

इन घटनाओं को रोकने और हाथियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब उत्तराखंड वन विभाग आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है। विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कैमरे लगाने शुरू कर दिए हैं।

विवेक पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि कालागढ़ टाइगर रिजर्व में AI कैमरों का सफल प्रयोग किया जा रहा है। ये कैमरे हाथियों की पहचान होते ही तुरंत वन अधिकारियों के मोबाइल फोन पर अलर्ट भेज देते हैं।

वन विभाग का कहना है कि इस तकनीक के जरिए समय रहते आसपास के गांवों को सतर्क किया जा सकेगा, जिससे मानव और वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को कम करने में मदद मिलेगी।

इसके साथ ही विभाग ग्रामीणों को सुरक्षा के लिए सीटी और लाठी जैसे उपकरण भी उपलब्ध करा रहा है। ग्रामीणों को हाथियों के प्रति आक्रामक रवैया न अपनाने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

वन विभाग के अनुसार हाथियों के पारंपरिक मार्गों की निगरानी बढ़ाई जा रही है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां रेलवे लाइनें जंगलों के बीच से गुजरती हैं। विभाग का उद्देश्य हाथियों की आवाजाही को सुरक्षित बनाना और दुर्घटनाओं को रोकना है।

अधिकारियों का कहना है कि AI तकनीक के इस्तेमाल से वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों की सुरक्षा भी बेहतर तरीके से सुनिश्चित की जा सकेगी। भविष्य में इस व्यवस्था को अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी लागू करने की योजना बनाई जा रही है।

वन विभाग की इस नई पहल को मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।