

स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट


रुड़की में गंगनहर किनारे स्थापित अजमीर जी महाराज की मूर्ति को हटाए जाने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सिंचाई विभाग की कार्रवाई के बाद स्वर्णकार समाज में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है।


मामला गंगनहर क्षेत्र स्थित पुल के पास का है, जहां सिंचाई विभाग की भूमि पर स्थापित मूर्ति और उसके आसपास किए गए निर्माण को विभाग ने अवैध अतिक्रमण मानते हुए हटाने की कार्रवाई की। विभागीय टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से मूर्ति के स्लेब को तोड़ दिया।


कार्रवाई के दौरान आसपास बनी दीवार और गेट को भी ध्वस्त किया गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।


सिंचाई विभाग के एसडीओ ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर गंगनहर किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाया जा रहा है। इसी क्रम में यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण कराने वालों की जानकारी मिलती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध रूप से स्थापित अन्य मूर्तियों और निर्माणों के खिलाफ भी जल्द अभियान चलाया जाएगा। प्रशासन ने साफ किया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


बताया जा रहा है कि करीब चार महीने पहले स्वर्णकार समाज द्वारा घाट के पास अजमीर जी महाराज की विशाल मूर्ति स्थापित कर क्षेत्र का सौंदर्यीकरण कराया गया था। उस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में भव्य कार्यक्रम और भंडारे का आयोजन भी किया गया था।



स्वर्णकार समाज के लोगों का कहना है कि मूर्ति स्थापना के समय किसी अधिकारी या प्रशासन ने कोई आपत्ति नहीं जताई थी। समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि अब अचानक कार्रवाई कर उनकी धार्मिक भावनाओं और पूर्वजों का अपमान किया गया है।
समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले का समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन किया जाएगा। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा और नाराज़गी का माहौल बना हुआ है।

