मसूरी ईको टैक्स बैरियर पर जाम से लोग परेशान, फास्टैग व्यवस्था की उठी मांग

मसूरी ईको टैक्स बैरियर पर जाम से लोग परेशान, फास्टैग व्यवस्था की उठी मांग

स्थान : मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट

मसूरी-देहरादून मार्ग पर नगर पालिका द्वारा संचालित ईको टैक्स बैरियर पर लगने वाले लंबे जाम को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। पर्यटन सीजन शुरू होते ही बैरियर पर वाहनों की लंबी कतारें लगने लगी हैं, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मामले को लेकर प्रकाशित खबरों का संज्ञान लेते हुए नगर पालिका ने बैरियर पर फास्टैग व्यवस्था लागू करने की संस्तुति कर दी है। हालांकि यह व्यवस्था कब तक लागू होगी, इस संबंध में अभी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित ठेकेदार द्वारा एग्रीमेंट की शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है। आरोप है कि पर्यटकों की सुविधा के नाम पर केवल शुल्क वसूली की जा रही है, जबकि तय सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रहीं।

बताया जा रहा है कि एग्रीमेंट के अनुसार पर्यटकों को मसूरी से संबंधित जानकारी वाला ब्रोशर, मेडिकल सुविधा और कपड़े का बैग उपलब्ध कराया जाना था, लेकिन मौके पर ऐसी कोई व्यवस्था दिखाई नहीं देती।

लोगों ने नगर पालिका से मांग की है कि ईको टैक्स से होने वाली आय और उसके उपयोग को लेकर श्वेत पत्र जारी किया जाए, ताकि आम जनता को यह जानकारी मिल सके कि अब तक इस धनराशि से कौन-कौन से विकास कार्य किए गए हैं।

संदीप साहनी ने कहा कि फास्टैग व्यवस्था लागू करना स्वागत योग्य कदम होगा। उन्होंने कहा कि पहले भी यहां टोल टैक्स के कारण जाम लगता था और जनहित में उसे हटाया गया था। अब दोबारा जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है।

वहीं अमित गुप्ता ने कहा कि पर्यटन सीजन में वाहनों का दबाव बढ़ने से स्थिति और खराब हो जाती है। ऐसे में फास्टैग व्यवस्था लागू करना जरूरी हो गया है।

सोशल एक्टिविस्ट अनूप नौटियाल ने कहा कि जनभावनाओं के अनुरूप ईको टैक्स समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्य सचिव और जिलाधिकारी को पत्र भेजकर बैरियर पर लगने वाले जाम और ईको टैक्स से होने वाली आय की जांच कराने की मांग की है।