

स्थान : नानकमत्ता (उधम सिंह नगर)
ब्यूरो रिपोर्ट


नानकमत्ता उप तहसील में ग्राम सरौजा के ग्राम प्रधान पद प्रत्याशी बजिंदर सिंह का अनिश्चितकालीन धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। धरनास्थल पर ग्रामीणों का समर्थन लगातार बढ़ता नजर आया।


बजिंदर सिंह का आरोप है कि पंचायत चुनाव के दौरान उनके विरोधियों और राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों ने मिलकर सुनियोजित षड्यंत्र के तहत उनका नामांकन पत्र निरस्त कराया था। उन्होंने कहा कि बिना मौके की पैमाइश किए उन्हें अतिक्रमणकारी दिखाकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए।

धरने पर बैठे बजिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण दिखाकर उनका ग्राम प्रधान पद का पर्चा खारिज किया गया, जिससे उन्हें चुनाव लड़ने से रोका जा सके। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।


उन्होंने बताया कि मामले को लेकर उन्होंने लंबी कानूनी और प्रशासनिक लड़ाई लड़ी। लगातार दबाव और शिकायतों के बाद बीते 13 फरवरी को राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर खसरा संख्या 672/1 की पैमाइश और सर्वे किया।
सर्वे रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि संबंधित सरकारी भूमि पर बजिंदर सिंह का कोई अतिक्रमण नहीं पाया गया। इसके बाद पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर गलत रिपोर्ट किस आधार पर तैयार की गई थी।


धरने को समर्थन देने नारायण पाल भी पहुंचे। उन्होंने धरनास्थल से नायब तहसीलदार और तुषार सैनी से फोन पर बातचीत कर मामले के शीघ्र निस्तारण की मांग की।


पूर्व विधायक ने अधिकारियों से कहा कि यदि सोमवार तक मामले का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा पंचायत डीएम कार्यालय तक पहुंचाई जाएगी।
धरनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने भी निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। वहीं प्रशासन की ओर से मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

