

स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना

मुखानी क्षेत्र के सतीश कॉलोनी में नजूल भूमि पर बने अवैध दुकानों को लेकर एक बार फिर नगर प्राधिकरण की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष 2025 में प्राधिकरण ने अवैध निर्माण पर कार्रवाई करते हुए इन दुकानों को सील किया था।


स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सील लगाए जाने के बावजूद कुछ समय बाद उन दुकानों की सील तोड़ दी गई और वहां फिर से निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। इसके बाद दुकानों का पुनः संचालन भी शुरू होने की बात सामने आ रही है।

इस पूरे मामले ने अब कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्राधिकरण द्वारा सील किए गए निर्माण की सील आखिर किसके द्वारा तोड़ी गई? और दोबारा निर्माण कार्य किसकी अनुमति से शुरू हुआ?


स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि यदि भूमि नजूल श्रेणी में आती है, तो वहां निर्माण की अनुमति सामान्य रूप से नहीं दी जाती। ऐसे में बिना वैध अनुमति के दोबारा निर्माण कैसे संभव हुआ, यह जांच का विषय है।
वहीं, आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि सील टूटने के बाद संबंधित निर्माण पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।


फिलहाल इस पूरे प्रकरण को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।


