खटीमा में गेहूं कटाई के सीजन में मंडी में हुई दिक्कतें, किसानों में चिंता

खटीमा में गेहूं कटाई के सीजन में मंडी में हुई दिक्कतें, किसानों में चिंता

स्थान : खटीमा (ऊधम सिंह नगर)
रिपोर्ट : अशोक सरकार

खटीमा में गेहूं की कटाई का सीजन शुरू होते ही गल्ला मंडी में हलचल बढ़ गई है। किसान अपना अनाज लेकर मंडी पहुँचने लगे हैं, लेकिन सरकारी तौल शुरू न होने से अन्नदाताओं की चिंताएं गहरा गई हैं। वारदाने की कमी और स्पष्ट आदेशों के अभाव ने किसानों को असमंजस में डाल दिया है।

खटीमा मंडी में सरकारी कांटे तो लगाए गए हैं, लेकिन खरीद प्रक्रिया अभी तक ठप है। किसानों का कहना है कि अगर सभी कांटे केवल मंडी में ही लगेंगे, तो दूर-दराज के गांवों के किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। मंडी में भारी संख्या में किसान जमा हुए और अपनी समस्याएं लेकर प्रशासन से समाधान की मांग कर रहे हैं।

भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष मनजिंदर सिंह भुल्लर ने कहा कि मंडी में कांटे लगने से किसानों में आशंका है कि गांवों में क्रय केंद्र नहीं खुलेंगे। उनकी मांग है कि मंडी में केवल 7 किलोमीटर के दायरे वाले किसानों का तौल हो, और बाकी दूर-दराज के गांवों के लिए स्थानीय स्तर पर ही कांटे लगाए जाएं, ताकि किसानों को भटकना न पड़े।

प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों को लेकर विरोधाभासी बातें सामने आ रही हैं। एक तरफ कांटों की संख्या बढ़ाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर संसाधनों की कमी की भी शिकायत की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि व्यवस्था दुरुस्त करने की कोशिश की जा रही है।

के.सी. आर्य, एस.एम.आई. अधिकारी, खटीमा ने बताया कि कल तक कुल 35 कांटे लगाए गए हैं और इनमें से कई को विभिन्न गांवों में स्थापित करने की योजना है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे जल्द से जल्द अपना पंजीकरण करवाएं।

हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ और ही इशारा कर रही है। क्रय केंद्र अधिकारी अंकित सिंह राणा ने बताया कि फिलहाल उनके पास न तो शासन का कोई औपचारिक आदेश है और न ही गेहूं भरने के लिए वारदाना। जैसे ही आदेश और संसाधन उपलब्ध होंगे, तौल प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाएगी।