
स्थान : नैनीताल
ब्यूरो रिपोर्ट

सरोवर नगरी नैनीताल समेत पूरे भारत में हनुमान जन्मोत्सव बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। नैनीताल के विश्व विख्यात माँ नैना देवी मंदिर में हनुमान भक्तों ने पूजा-अर्चना कर सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों की भी भारी संख्या मंदिर में देखने को मिली।


हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर परिसर में भंडारे का भी आयोजन किया गया। भक्तों ने प्रसाद वितरित कर सभी उपस्थित लोगों में उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बनाए रखा। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ ने पर्व की भव्यता को और बढ़ा दिया।


साथ ही राम सेवक सभा में भी हनुमान जयंती समारोह का आयोजन धूमधाम से किया गया। इसके अलावा हनुमानगढ़, कैची धाम और अन्य हनुमान मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की विशेष उपस्थिति रही।


डीएसबी कॉलेज के निदेशक प्रोफेसर ललित तिवारी ने बताया कि हनुमान चालीसा की एक शक्तिशाली चौपाई “नासै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा” का निरंतर जाप करने से सभी प्रकार के शारीरिक, मानसिक और आत्मिक रोग दूर होते हैं।
हनुमान जन्मोत्सव हर वर्ष चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस दिन हनुमान जी को शक्ति, भक्ति और संकट मोचन के रूप में पूजनीय माना जाता है।

भक्तों के अनुसार, यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत और भगवान राम के प्रति हनुमान जी की अटूट भक्ति का प्रतीक है। हनुमान जी के चिरंजीवी होने के कारण उनकी उपस्थिति से सुरक्षा, साहस और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

इस अवसर पर भक्तों ने मंदिरों में पूजा-अर्चना के साथ ही हनुमान जी के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की और समाज में भक्ति और धर्म की भावना को सशक्त बनाने का संदेश दिया।

