सितारगंज में मौनपालन प्रशिक्षण शुरू, किसानों को स्वरोजगार की ओर प्रेरित किया

सितारगंज में मौनपालन प्रशिक्षण शुरू, किसानों को स्वरोजगार की ओर प्रेरित किया

स्थान : सितारगंज
रिपोर्टर-तनवीर आंसरी

राष्ट्रीय मधुमक्खी और शहद मिशन योजना के तहत ऊधम सिंह नगर के विकासखंड सितारगंज स्थित राजकीय मौनपालन केंद्र में सात दिवसीय मौनपालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलवार को किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन उद्यान एवं खाद्य विभाग द्वारा किया गया, जिसमें “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर 25 किसानों को प्रशिक्षण के लिए चयनित किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने उत्तराखंड में मौनपालन के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही प्राचीन और आधुनिक समय में मौनपालन के तरीकों में आए बदलावों के बारे में भी जानकारी दी गई।

किसानों को मधुमक्खी पालन के फायदे, शहद उत्पादन और विभिन्न प्रजातियों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि यह व्यवसाय कम लागत में अधिक लाभ देने वाला है।

मधु विकास निरीक्षक गुंजिता भट्ट ने कहा कि शहद केवल मिठास ही नहीं देता, बल्कि यह किसानों के लिए लाखों रुपये की आमदनी का स्रोत भी बन सकता है। उन्होंने किसानों को इस व्यवसाय को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

मुख्य उद्यान अधिकारी सतीश कुमार शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि मौनपालन किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

अधिकारियों ने बताया कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो और वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।