
स्थान : रानीखेत
रिपोर्टर : संजय जोशी

रसोई गैस की किल्लत और संभावित कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिले में घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात के नेतृत्व में खानपान की दुकानों, होटलों और रेस्टोरेंट में औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया।


छापेमारी के दौरान कुछ होटल व्यवसायी रिफिल किए गए गैस सिलेंडरों के दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए। इसके बाद प्रशासन ने कुल आठ गैस सिलेंडर जब्त कर लिए। अचानक हुई इस कार्रवाई से बाजार में दुकानदारों और होटल व्यवसायियों में हड़कंप मच गया।


संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात ने बताया कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की ओर से पर्याप्त घरेलू एलपीजी स्टॉक की जानकारी मिली है। इसलिए उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल व्यावसायिक कनेक्शनों के लिए गैस की आपूर्ति उपलब्ध नहीं है।


गौरी प्रभात ने जनता से अपील की कि एलपीजी सिलेंडर के लिए घबराने की जरूरत नहीं है। उपभोक्ता मैनुअल बुकिंग करवा सकते हैं और रिफिलिंग 25 दिन बाद पुनः कराई जा सकती है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस अभियान के दौरान गैस एजेंसी के प्रबंधक सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और निरीक्षण में सहयोग किया।

भविष्य में भी प्रशासन चेकिंग अभियान जारी रखेगा ताकि कालाबाजारी और अनियमितताओं पर काबू पाया जा सके और आम जनता को समय पर गैस उपलब्ध हो सके।

