बीकेटीसी के फैसले पर सियासत तेज, गैर सनातनियों के प्रवेश पर विवाद

बीकेटीसी के फैसले पर सियासत तेज, गैर सनातनियों के प्रवेश पर विवाद

स्थान : देहरादून
ब्यरो रिपोर्ट

चारधाम यात्रा से पहले बद्री केदार मंदिर समिति (BKTC) की बजट बैठक मंगलवार को आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने की। बैठक में समिति की नियमावली में संशोधन करते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।

बैठक में तय किया गया कि अब बीकेटीसी से जुड़े मंदिरों में गैर सनातनियों का प्रवेश वर्जित रहेगा। इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और विभिन्न दलों की ओर से प्रतिक्रिया सामने आने लगी है।

इस मुद्दे पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह निर्णय सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाला है।

प्रतिमा सिंह ने कहा कि मंदिर समिति और भारतीय जनता पार्टी सरकार का यह कदम पूरी तरह राजनीतिक है। उनका कहना है कि इस प्रकार के फैसलों से समाज में विभाजन की स्थिति पैदा हो सकती है।

उन्होंने कहा कि देश में हर व्यक्ति अपनी आस्था और धार्मिक सीमाओं को समझता है, चाहे वह किसी भी धर्म से जुड़ा हो। ऐसे में नियमावली बदलकर किसी समुदाय को निशाना बनाना उचित नहीं है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर यह तय कैसे किया जाएगा कि कौन व्यक्ति सनातनी है और कौन नहीं। उनका कहना है कि इस तरह की व्यवस्था व्यवहारिक रूप से भी संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड आते हैं। ऐसे में इस तरह के फैसले से यात्रा व्यवस्था और सामाजिक माहौल पर भी असर पड़ सकता है।

फिलहाल इस फैसले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बहस और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।