
स्थान – भराड़ीसैंण
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन विपक्ष ने भूमिधरी के मुद्दे को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी विधायकों ने विधानसभा की सीढ़ियों पर बैठकर प्रदर्शन किया और लंबे समय से वन भूमि व अन्य जमीनों पर रह रहे परिवारों को मालिकाना हक देने की मांग उठाई।


विपक्ष का कहना है कि प्रदेशभर में हजारों परिवार वर्षों से वन और अन्य श्रेणी की भूमि पर रह रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें जमीन का मालिकाना अधिकार नहीं मिल पाया है। इससे लोगों को लगातार प्रशासनिक और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


इस दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि यह मुद्दा प्रदेश के हजारों परिवारों से जुड़ा हुआ है और सरकार को इस पर ठोस निर्णय लेना चाहिए।


उन्होंने कहा कि विपक्ष इस विषय को सदन में नियम 310 के तहत उठाएगा और सरकार से स्पष्ट जवाब मांगेगा। उनके अनुसार यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन से जुड़ा गंभीर विषय है।
विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि लंबे समय से इस समस्या के समाधान का आश्वासन दिया जाता रहा है, लेकिन अब तक जमीन पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी विधायकों ने सरकार से मांग की कि वन भूमि और अन्य श्रेणियों की जमीनों पर वर्षों से रह रहे लोगों को जल्द मालिकाना हक दिया जाए, ताकि वे अपने घरों और आजीविका को सुरक्षित महसूस कर सकें।

गौरतलब है कि गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में चल रहे बजट सत्र के दौरान यह मुद्दा प्रमुखता से उभरकर सामने आया है और आने वाले दिनों में इस पर सदन के भीतर भी तीखी बहस होने की संभावना है।

